Rajiv Gandhi's 82nd Birth Anniversary : भारत में संचार और कंप्यूटर क्रान्ति के जनक कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 82वीं जयंती है। जिसे हर साल सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और उनके बेटे राहुल गांधी व बेटी प्रियंका समेत तमाम कांग्रेस नेताओ ने दिल्ली स्थित वीरभूमि पहुँचकर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।
Rajiv Gandhi’s 82nd Birth Anniversary : भारत में संचार और कंप्यूटर क्रान्ति के जनक कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 82वीं जयंती है। जिसे हर साल सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और उनके बेटे राहुल गांधी व बेटी प्रियंका समेत तमाम कांग्रेस नेताओ ने दिल्ली स्थित वीरभूमि पहुँचकर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने पिता राजीव गांधी को लेकर एक्स पोस्ट पर एक भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा, “भारतीयों के बीच सद्भावना, हर दिल में करुणा और, हर नागरिक को न्याय और लोकतंत्र में समान अधिकार.. पापा, आपकी ये सीख मेरी शक्ति है और आपकी यादें मेरी हिम्मत। आपके सपनों का भारत बनाने का संकल्प हमेशा मेरा मार्गदर्शन करता रहेगा।” कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पोस्ट में लिखा, “आज, सद्भावना दिवस पर, हम राजीव गांधी को याद कर रहे हैं। वे एक दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने लाखों लोगों में उम्मीद जगाई और भारत को 21वीं सदी की संभावनाओं के लिए तैयार करने में मदद की।”
भारतीयों के बीच सद्भावना, हर दिल में करुणा और, हर नागरिक को न्याय और लोकतंत्र में समान अधिकार..
पापा, आपकी ये सीख मेरी शक्ति है और आपकी यादें मेरी हिम्मत। आपके सपनों का भारत बनाने का संकल्प हमेशा मेरा मार्गदर्शन करता रहेगा। pic.twitter.com/YsXEFO05Ur
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 20, 2026
पढ़ें :- Sugar Price Hike : अरविंद केजरीवाल बोले- गन्ने से एथनॉल बनाना शुरू किया, नतीजन चीनी की कमी हो गई
खरगे ने आगे लिखा, “उनकी विरासत उन बड़े बदलावों में आज भी जीवित है जिनकी उन्होंने शुरुआत की थी, और साथ ही भारत के युवाओं, तकनीकी प्रगति और नए विचारों की शक्ति में उनके अटूट विश्वास में भी। शायद राजीव जी को सबसे अच्छी श्रद्धांजलि यही होगी कि हम भारत की सहानुभूति, सद्भाव और मेल-मिलाप की शाश्वत भावना को और मजबूत करें, और साथ ही बौद्धिक स्वतंत्रता, इनोवेशन और हमारे युवाओं की आकांक्षाओं को भी बढ़ावा दें। उनकी जयंती पर हम उन्हें सादर नमन करते हैं और देश के लिए उनके महान योगदान को याद करते हैं।”