बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में मंगलवार को सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की छापेमारी के दौरान पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास मोबाइल फोन और पेन ड्राइव मिलने का मामला सामने आया है। जेल DGP अलोक कुमार ने बुधवार को इसकी पुष्टि की...
बेंगलुरु: बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में मंगलवार को सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की छापेमारी के दौरान पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास मोबाइल फोन और पेन ड्राइव मिलने का मामला सामने आया है। जेल DGP अलोक कुमार ने बुधवार को इसकी पुष्टि की।
अलोक कुमार के मुताबिक जेल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मोबाइल और पेन ड्राइव प्रज्वल तक कैसे पहुंचे। मामले में जेल के एसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट को निलंबित कर दिया गया है।
प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते और JDS विधायक एचडी रेवन्ना के बेटे हैं। वह रेप के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
मामला अप्रैल 2024 में सामने आया था। प्रज्वल के परिवार के फार्महाउस पर काम करने वाली 47 वर्षीय महिला ने उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि 2021 से उसके साथ कई बार रेप किया गया और घटना के बारे में किसी को बताने पर वीडियो लीक करने की धमकी दी गई।
इस मामले में कोर्ट ने 18 जुलाई 2025 को सुनवाई पूरी की थी। प्रज्वल पर रेप, ताक-झांक, आपराधिक धमकी और अश्लील तस्वीरें लीक करने समेत कई धाराओं में आरोप थे। स्पेशल कोर्ट ने 1 अगस्त 2025 को उन्हें दोषी करार दिया था। इसके अगले दिन 2 अगस्त को उम्रकैद की सजा सुनाई गई और 11.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसमें से 11.25 लाख रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया गया था।
प्रज्वल के खिलाफ रेप के तीन अन्य मामले भी दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई अभी बाकी है। प्रज्वल रेवन्ना उस समय भी सुर्खियों में आए थे, जब 2024 में उनके खिलाफ कथित तौर पर 2 हजार से ज्यादा अश्लील वीडियो क्लिप सामने आने का मामला सामने आया था। उस समय वह हासन लोकसभा सीट से JDS के उम्मीदवार थे। विवाद बढ़ने के बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। चुनाव में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।