Political platform for former bureaucrats in UP : यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा, सपा और कांग्रेस जैसे बड़े राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस बीच, आगामी चुनाव के लिए पूर्व IAS, IPS, PCS एवं अन्य वरिष्ठ लोकसेवकों का नया राजनीतिक मंच तैयार करने की कोशिशें शुरू हो गयी है। आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने इन अधिकारियों को एक साझा उत्तर प्रदेश मंच पर लाने की पहल शुरू की है।
Political platform for former bureaucrats in UP : यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा, सपा और कांग्रेस जैसे बड़े राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस बीच, आगामी चुनाव के लिए पूर्व IAS, IPS, PCS एवं अन्य वरिष्ठ लोकसेवकों का नया राजनीतिक मंच तैयार करने की कोशिशें शुरू हो गयी है। आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने इन अधिकारियों को एक साझा उत्तर प्रदेश मंच पर लाने की पहल शुरू की है।
आज़ाद अधिकार सेना के मुताबिक, यूपी में पूर्व IAS-IPS के राजनीतिक मंच का उद्देश्य इन अधिकारियों के दीर्घ प्रशासनिक अनुभव एवं शासन संबंधी विशेषज्ञता को एकत्र कर उत्तर प्रदेश के बेहतर एवं समग्र परिवर्तन के लिए उपयोग करना है। पार्टी ने यह भी बताया है कि इस पहल के अंतर्गत अपने स्वतंत्र राजनीतिक संगठन अथवा मंच बनाने वाले अधिकारियों, जिनमें चंद्र भूषण पांडेय, विजय शंकर पांडेय, चंद्रपाल, एस.आर. दारापुरी, सुलखान सिंह, अलंकार अग्निहोत्री, दिव्या मित्तल आदि से संपर्क किया जाएगा। इसके अलावा, विभिन्न स्थापित राजनीतिक दलों में सक्रिय पूर्व लोकसेवकों जैसे- पी.एल. पुनिया, आलोक रंजन, बृजलाल, असीम अरुण, राजेश्वर सिंह को भी इस प्रस्तावित मंच से जुड़ने के लिए संपर्क किया जाएगा।
सर्वाधिक वरिष्ठ सहभागी पूर्व लोकसेवक से इस समूह का नेतृत्व करने का अनुरोध किया जाएगा, जबकि अन्य सभी निर्णय आपसी विचार-विमर्श एवं सहमति से लिए जाएंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की ओर से संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजे जा रहे हैं और जल्द ही उनसे व्यक्तिगत संपर्क भी किया जाएगा। उनके अनुसार प्रस्तावित मंच फिलहाल उत्तर प्रदेश तक सीमित रहेगा और इसका तत्काल संदर्भ आगामी विधानसभा चुनाव होगा। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न राजनीतिक संगठनों एवं दलों में बिखरे प्रशासनिक अनुभव को एक साझा संसाधन में परिवर्तित कर उत्तर प्रदेश के बेहतर भविष्य के लिए उपयोग करना है।