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राहुल गांधी ने संसद में उठाया अमेरिकी टैरिफ का मुद्दा, बोले- यह हमें पूरी तरह से तबाह कर देगा

US Reciprocal Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरकार अपने कारोबारी साझेदार देशों को तगड़ा शॉक दिया है। व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप एक चार्ट के साथ नजर आए। इसके साथ उन्होंने किस देश पर कितना टैरिफ लगाया गया है, इसका ऐलान कर दिया है। जिसके बाद दुनिया भर के शेयर मार्केटों में भू-चाल आ गया है। इस बीच भारतीय संसद में विपक्ष ने अमेरिका की ओर से लगाए टैरिफ का मुद्दा उठाया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसको लेकर चिंता व्यक्त की।

By Abhimanyu 
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US Reciprocal Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरकार अपने कारोबारी साझेदार देशों को तगड़ा शॉक दिया है। व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप एक चार्ट के साथ नजर आए। इसके साथ उन्होंने किस देश पर कितना टैरिफ लगाया गया है, इसका ऐलान कर दिया है। जिसके बाद दुनिया भर के शेयर मार्केटों में भू-चाल आ गया है। इस बीच भारतीय संसद में विपक्ष ने अमेरिका की ओर से लगाए टैरिफ का मुद्दा उठाया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसको लेकर चिंता व्यक्त की।

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विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में एलएसी की स्थिति और अमेरिका के पारस्परिक टैरिफ का मुद्दा उठाया। उन्होंने एलएसी पर बोलते हुए कहा, “यथास्थिति बनी रहनी चाहिए और हमें अपनी ज़मीन वापस मिलनी चाहिए। मुझे यह भी पता चला है कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने चीन को पत्र लिखा है। हमें यह बात अपने लोगों से नहीं बल्कि चीनी राजदूत से पता चल रही है जो यह बात कह रहे हैं। दूसरी तरफ, हमारे सहयोगी ने हम पर टैरिफ लगाने का फैसला किया है। यह हमें पूरी तरह से तबाह कर देगा…भारत सरकार हमारी ज़मीन के बारे में क्या कर रही है और टैरिफ के मुद्दे पर आप क्या करेंगे।”

एलएसी के मुद्दे पर राहुल गांधी के बयान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि अक्साई चिन किसकी सरकार में चीन के पास गया है। तब हिंदी चीनी भाई-भाई कहते रहे और आपकी पीठ में छुरा खोंपा गया। डोकलाम की घटना के समय कौन चीन के अधिकारियों के साथ चाइनीज सूप पी रहा था और सेना के जवान के साथ खड़े नहीं हुए। जिस संस्था ने चीन के अधिकारियों से पैसा लिया था, क्या राजीव गांधी फाउंडेशन ने पैसा नहीं लिया है.. क्यों लिया गया वो पैसा?’

ठाकुर ने आगे कहा, ‘डोकलाम के समय में चीन को मुंह तोड़ जबाव दिया गया था और रक्षामंत्री के साथ साथ पीएम भी सीमा के जवानों के साथ खड़े थे।’ उन्होंने कहा, ‘हम कह सकते हैं कि एक इंच जमीन भी पीएम मोदी के समय में चीन के हाथ में नहीं गई है। इन लोगों को जवाब देना होगा कि राजीव फाउंडेशन ने पैसा क्यों लिया था?

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