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राहुल गांधी, बोले-मोदी सरकार की विभाजनकारी विचारधारा का नतीजा है, जो सालों से जल रहा है मणिपुर

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि मणिपुर सालों से जल रहा है और आज फिर नफ़रत और हिंसा की आग में 20 घर राख हो गए। उन्होंने कहा कि दो सरकारों और राष्ट्रपति शासन (President Rule) के बावजूद संघर्ष गहराता ही जा रहा है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi)  ने कहा कि हज़ारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि मणिपुर सालों से जल रहा है और आज फिर नफ़रत और हिंसा की आग में 20 घर राख हो गए। उन्होंने कहा कि दो सरकारों और राष्ट्रपति शासन (President Rule) के बावजूद संघर्ष गहराता ही जा रहा है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi)  ने कहा कि हज़ारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अनगिनत परिवार उजड़ गए हैं। मणिपुर जिस असहनीय पीड़ा से गुज़र रहा है। उसकी कल्पना भी मुश्किल है।

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उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार की उस विभाजनकारी विचारधारा का नतीजा है, जो लोगों को धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और पहचान के नाम पर बांटती है। आज मणिपुर ही नहीं, पूरा देश प्रधानमंत्री से संवेदना के दो शब्द की भी उम्मीद छोड़ चुका है, कार्रवाई की बात तो दूर गई। मणिपुर बेहतर का हक़दार है और इसके लिए भारत जोड़ना ही एकमात्र रास्ता है।

मणिपुर के कामजोंग जिले में बुधवार को फिर से हिंसा भड़क गई। भारत-म्यांमार सीमा के पास के गांवों में नगा और कुकी गुटों के बीच हुई सशस्त्र झड़पों में 20 से ज्यादा घर जला दिए गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, हिंसा की शुरुआत सुबह हुई जब कुकी गांव के हथियारों से लैस लोगों ने नगा गांव पर हमला किया और कम से कम 10 घरों में आग लगा दी।

दोपहर में स्थिति और बिगड़ गई जब संदिग्ध उग्रवादियों और हथियारों से लैस गांव के स्वयंसेवकों ने इलाके के अन्य गांवों पर जवाबी हमले किए। बाद में हुई हिंसा में नगा समुदाय के कम से कम 12 और घर जला दिए गए। प्रभावित गांवों में सुरक्षा बलों को भेजा गया और हालात सामान्य करने के लिए इलाके में कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन कड़ी नजर रखी जा रही है। हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

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मणिपुर में लड़ाई क्यों हो रही है?

मणिपुर में इस साल मई में दो समुदाय बहुसंख्यक मैतेई (majority Meitei community) और अल्पसंख्यक कुकी (Minority Kukis) के बीच हिंसक झड़प देखने को मिली। इस हिंसा में अब तक कम से कम 130 लोग मारे गए हैं और 400 लोग घायल हुए हैं। हिंसा को रोकने के लिए सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के संघर्ष के कारण 60,000 से अधिक लोगों को अपने घरों से दूसरी जगहों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

इन झड़पों के दौरान दोनों समुदायों ने कई जगहों पर तोड़फोड़ की और कई पुलिस थानों से हथियार भी लूट लिए। हिंसक झड़प के दौरान सैकड़ों चर्च और एक दर्जन से अधिक मंदिरों को भी तोड़ दिया गया और कई गाँव में आग लगा दी गई।

मणिपुर में कौन से दो समुदाय कर रहे लड़ाई?

मैतेई, कुकी और नगा मिलिशिया दशकों से परस्पर विरोधी मातृभूमि मांगों और धार्मिक मतभेदों को लेकर एक-दूसरे से लड़ते रहे हैं और सभी पक्ष भारत के सुरक्षा बलों के साथ भिड़ते रहे हैं। हालांकि, हाल की ये लड़ाई पूरी तरह से मैतेई और कुकी समुदाय के बीच है।

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