Crude Oil Imports : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में दावा किया था कि भारत रूस तेल खरीदना बंद करके अब अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। इस पर रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। क्रेमलिन ने स्पष्ट कहा है कि भारत किसी भी सप्लायर से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है और कच्चे तेल के सप्लायर्स में बदलाव करने के उसके फैसले में कुछ भी नया नहीं है।
Russian Crude Oil Imports : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में दावा किया था कि भारत रूस तेल खरीदना बंद करके अब अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। इस पर रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। क्रेमलिन ने स्पष्ट कहा है कि भारत किसी भी सप्लायर से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है और कच्चे तेल के सप्लायर्स में बदलाव करने के उसके फैसले में कुछ भी नया नहीं है।
दरअसल, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे के बारे में पूछा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूसी तेल खरीदना बंद करने और इसके बजाय अमेरिका और शायद वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने के लिए सहमत हो गए हैं। जिसके जवाब में पेस्कोव ने कहा, “हम, दूसरे सभी इंटरनेशनल एनर्जी एक्सपर्ट्स की तरह, यह अच्छी तरह जानते हैं कि रूस भारत को तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स सप्लाई करने वाला अकेला देश नहीं है। भारत हमेशा से ये प्रोडक्ट्स दूसरे देशों से खरीदता रहा है। इसलिए, हमें इसमें कुछ भी नया नहीं दिखता।”
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर रहा है। हालांकि, क्रेमलिन ने मंगलवार को भी स्पष्ट किया था कि रूस को भारत सरकार की ओर से ऐसा कोई संदेश नहीं मिला है, जिसमें रूसी तेल की खरीद बंद करने की बात कही गई हो। जिससे साफ है कि रूस के पास ऐसी कोई ठोस जानकारी नहीं है जो ट्रंप के दावे की पुष्टि कर सके।