1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. Russia Ukraine Conflict : यूक्रेन ने बताया कब होगा हमला, अमेरिका व भारत ने अपने नागरिकों से कहा- तुरंत छोड़ें देश

Russia Ukraine Conflict : यूक्रेन ने बताया कब होगा हमला, अमेरिका व भारत ने अपने नागरिकों से कहा- तुरंत छोड़ें देश

Russia Ukraine Conflict : यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की (Ukraine President Vladimir Zelensky) ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट (Facebook Post) से रूस (Russia) के साथ तनाव के बादलों को और हवा दे दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है कि रूस (Russia) 16 फरवरी को यूक्रेन पर हमले का दिन होगा। जेलेंस्की ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि वह बातचीत के माध्यम से हर तरह के विवाद को सुलझाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमें बताया गया है कि 16 फरवरी हमले का दिन होगा। उन्होंने आगे कहा कि हम इसे एकता दिवस (Unity Day) बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे जुड़े आदेश पर पहले ही हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। आज दोपहर हम राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे, नीले-पीले रंग के फीते लगाएंगे और दुनिया को अपनी एकता दिखाएंगे।

By संतोष सिंह 
Updated Date

Russia Ukraine Conflict : यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ( Ukraine President Vladimir Zelensky) ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट (Facebook Post) से रूस (Russia) के साथ तनाव के बादलों को और हवा दे दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है कि रूस (Russia) 16 फरवरी को यूक्रेन पर हमले का दिन होगा। जेलेंस्की ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि वह बातचीत के माध्यम से हर तरह के विवाद को सुलझाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमें बताया गया है कि 16 फरवरी हमले का दिन होगा। उन्होंने आगे कहा कि हम इसे एकता दिवस (Unity Day) बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे जुड़े आदेश पर पहले ही हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। आज दोपहर हम राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे, नीले-पीले रंग के फीते लगाएंगे और दुनिया को अपनी एकता दिखाएंगे।

पढ़ें :- Pakistani Flight Route : रूस ने रोका पाकिस्तानी फ्लाइट का रूट, PIA को क्लीयरेंस देने से किया इनकार

अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत यूक्रेन छोड़ने को कहा

यूक्रेन व रूस के बीच गहराते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत यूक्रेन छोड़ने के लिए कहा है। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा कि यूक्रेन सीमा पर नाटकीय रूप से रूसी सेना की तैनाती को देखते हुए हमने कीव से अपने दूतावास को अस्थायी रूप से ल्वीव से संचालित करने का फैसला लिया है। इसकी प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि हम सभी अमेरिकी नागरिकों से तुरंत यूक्रेन छोड़ने की अपील करते हैं। हालांकि पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका अब भी नहीं मानता कि पुतिन ने आक्रमण करने का फैसला किया है, लेकिन संभव है कि वह बिना किसी चेतावनी के ऐसा करें।

यूक्रेन स्थित दूतावास ने भारतीयों से अपील की कि वे देश छोड़कर निकल जाएं

यूक्रेन में रूस के हमले का बढ़ते खतरे का असर अब भारत पर भी दिखने लगा है। यूक्रेन स्थित दूतावास ने भारतीयों से अपील की है कि वे देश छोड़कर निकल जाएं। दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि खासतौर पर स्टूडेंट अस्थायी तौर पर लौट सकते हैं, जिनका ठहरना बहुत जरूरी नहीं है।

पढ़ें :- Russia : जर्मनी के सैटेलाइट को रूस ने हाइजैक करने की कोशिश,जानें पूरा मामला?

दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है, ‘यूक्रेन के मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक खासतौर पर छात्र अस्थायी रूप से जा सकते हैं, जिनका ठहरना बहुत जरूरी नहीं है।’ इसके अलावा भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे यूक्रेन की गैर-जरूरी यात्रा करने से बचें।

इसके अलावा भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे यूक्रेन में अपना स्टेटस साझा करें। इसके अलावा किसी भी तरह की मदद की स्थिति में संपर्क करें ताकि उन तक पहुंचा जा सके। यही नहीं दूतावास ने यह भी साफ किया है कि फिलहाल यूक्रेन में उसका काम सामान्य तरीके से चल रहा है। भारत से पहले अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों की ओर से अपने नागरिकों को यूक्रेन न जाने की सलाह दी जा चुकी है। यही नहीं कुछ देशों ने तो अपने दूतावासों से गैर-जरूरी स्टाफ को वापस भी बुलाना शुरू कर दिया है। फिलहाल यूक्रेन में युद्ध का संकट मंडरा रहा है और रूस ने एक लाख से ज्यादा सैनिकों और बड़े पैमाने पर हथियारों का जमावड़ा कर लिया है।

कई सप्ताह से भारतीयों के संपर्क में था दूतावास

भारतीय दूतावास की ओर से बीते कई दिनों से यूक्रेन में रह रहे भारतीयों से संपर्क साधा जा रहा था। दूतावास की ओर से उन लोगों की लिस्ट तैयार की जा रही है, जिन्हें किसी भी तरह की मदद की जरूरत पड़ सकती है। इसी कड़ी में भारतीय दूतावास ने पूरी सावधानी बरतते हुए लोगों से अपील की है कि जरूरी न हो तो वे देश से निकल जाएं। यूक्रेन के टेरनोपिल में पढ़ाई करने वाले एक छात्र शिवम दुबे ने बताया था,तीन सप्ताह पहले ही भारतीय दूतावास ने हमसे ईमेल पर संपर्क किया था और एक फॉर्म भेजा था। उस फॉर्म में हमसे यूक्रेन में हमारी लोकेशन और अन्य जानकारियां मांगी गई थीं ताकि बचाव के लिए अभियान चलाने की स्थिति में तत्काल संपर्क साधा जा सके।

पढ़ें :- Global Food Crisis : दुनिया में खाद्य संकट पर छिड़ी नई बहस, रूस बोला- ग्लोबल फूड क्राइसिस के लिए हम जिम्मेदार नहीं

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...