ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Avimukteswarananda Saraswati) ने यूपी की राजधानी लखनऊ में शंखनाद कर ‘गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध’ (Gau Pratisthartha Dharma Yudh) का शंखनाद कर दिया है। आशियाना के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक उपवन (Kanshi Ram Memorial Cultural Park) में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-धर्माचार्य और समर्थक मौजूद रहे।
लखनऊ। ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Avimukteswarananda Saraswati) ने यूपी की राजधानी लखनऊ में शंखनाद कर ‘गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध’ (Gau Pratisthartha Dharma Yudh) का शंखनाद कर दिया है। आशियाना के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक उपवन (Kanshi Ram Memorial Cultural Park) में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-धर्माचार्य और समर्थक मौजूद रहे।
लोगों ने जवाब दिया कि पहले भाजपाई थे पर अब नहीं, यहां तो पोल खुल गई
इस दौरान शंकराचार्य ने बारी-बारी से लोगों से पूछा कि यहां कितने लोग कांग्रेसी हैं, कितने सपाई, कितने बसपाई हैं और कितने भाजपा वाले हैं? सबसे ज्यादा हाथ भाजपा समर्थकों के उठे। इस पर कहा कि भाजपाई भी हैं तो लोगों ने जवाब दिया कि पहले भाजपाई थे पर अब नहीं हैं। जिस पर शंकराचार्य ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वाले प्रचार कर रहे थे कि हमारा समर्थन कांग्रेसी और सपाई कर रहे हैं लेकिन यहां तो पोल खुल गई।
मुरारी बापू ने कहा कि इस कार्यक्रम को रुकवाने की बहुत कोशिशें की गईं जो निरर्थक साबित हुईं
कार्यक्रम को लेकर अलग-अलग जगहों से धर्माचार्य और गो रक्षक मंगलवार को ही लखनऊ में जुट गए। गो रक्षा आंदोलन को लेकर शंकराचार्य इन दिनों चर्चा में हैं और गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। इस आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने एक दिन पहले ही तैयारी शुरू कर दी और सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध कार्यक्रम में भाग लेने मंगलवार को लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय संत सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतगुरु आचार्य देव मुरारी बापू ने कहा कि इस कार्यक्रम को रुकवाने की बहुत कोशिशें की गईं जो निरर्थक साबित हुईं। प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए कई शर्तों के साथ अनुमति दी है।
महिलाओं ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाते हुए आंदोलन को मजबूती देने का आह्वान किया
फैजुल्लागंज क्षेत्र में बुधवार को गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के समर्थन में दर्जनों सनातनी महिलाओं ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाते हुए आंदोलन को मजबूती देने का आह्वान किया। सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी ने कहा कि सनातन संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान रहा है, लेकिन वर्तमान समय में लोग इससे दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ में शुद्धता और परंपराओं का पालन जरूरी है। साथ ही उन्होंने लोगों से गौ संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की।
गौ, गंगा और गायत्री भारतीय संस्कृति का मूल आधार
उन्होंने कहा कि गौ, गंगा और गायत्री भारतीय संस्कृति का मूल आधार हैं। यदि देश गो-बध मुक्त बनता है तो भारत पुनः विश्व गुरु के स्वरूप की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में कर्मों के आधार पर फल मिलने की मान्यता है, इसलिए प्रत्येक सनातनी का कर्तव्य है कि वह गौ रक्षा के लिए अपना योगदान दे। अखिलेश अवस्थी ने कहा कि राजस्व अभिलेखों में प्रत्येक गांव में गोचर भूमि दर्ज है, लेकिन अब अधिकांश स्थानों पर यह भूमि अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुकी है। इसके कारण गौवंश सड़कों और बाजारों में भटकने को मजबूर है।
गौ माता के समर्थन में जयकारे लगाए और आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया
दलजीत कौर ने कहा कि हर सनातनी को गौ रक्षा के लिए आगे आना चाहिए और जहां भी संभव हो, गौ प्रतिष्ठा आंदोलन का समर्थन करना चाहिए। इस दौरान मौजूद लोगों ने गौ माता के समर्थन में जयकारे लगाए और आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।