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Shiv Om Mishra jeevan parichay: समाज और धर्म के प्रति समर्पित एक प्रेरक व्यक्तित्व हैं शिवओम मिश्रा

कोविड संकट के दौरान शिवओम मिश्रा ने अपने संगठन के माध्यम से लाखों लोगों को भोजन, राशन किट, PPE किट, सेनेटाइजर, दवाइयां आदि उपलब्ध कराकर समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

By शिव मौर्या 
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Shiv Om Mishra jeevan parichay: शिवओम मिश्रा जी का जन्म उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद के कान्हापुर गांव में अपने ननिहाल में 4 फरवरी 1996 को हुआ। उनका पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की पट्टी तहसील के रामपुर खागल गांव है, जो उनकी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। वे तीन भाई हैं, जिनमें सबसे बड़े शिवओम मिश्रा स्वयं हैं। उनके दूसरे भाई आचार्य रामचंद्रदास जी, जो पूरे भारत में प्रसिद्ध धर्मगुरु हैं और पद्मविभूषण स्वामी रामभद्राचार्य जी के उत्तराधिकारी हैं। तीसरे क्रम में श्रीओम मिश्रा हैं।

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परिवार और जीवन साथी
शिवओम मिश्रा के पिता का नाम श्री शुशिल मिश्रा और माता का नाम श्रीमती रेनु देवी मिश्रा है। उनकी पत्नी श्रीमती रीना मिश्रा एक धार्मिक वक्ता और भागवत प्रवक्ता हैं, जो समाज में धर्म एवं संस्कारों के प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाती हैं।

शिक्षा और प्रारंभिक उपलब्धियां
शिवओम मिश्रा ने गुजरात के सूरत में 10वीं के बाद मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। वे कक्षा 10 के दौरान “वांचे गुजरात” वर्ष 2012 के विजेता रहे और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सम्मानित किए गए।

सामाजिक और धार्मिक सेवाएं
2014 में शिवओम मिश्रा ने “जन सेवा युवा संगठन” की स्थापना की, जिसने हजारों युवाओं को समाज सेवा और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार से जोड़ा। गौ रक्षा के लिए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कई आयोजन किए और कई प्रदेशों की यात्रा कर सैकड़ों कार्यक्रमों में भाग लिया। 2015 में पद्मविभूषण जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी ने उन्हें स्वच्छ भारत मिशन का ब्रांड एम्बेसडर बनाया। इसी वर्ष हिन्दू जन जागृति समिति के अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में उनका देश के सनातनी हिंदू योद्धाओं के बीच वक्तव्य चर्चा का केंद्र बना, जिसमें उन्होंने कहा, “देश को समाज सेवकों की नहीं, अपितु धर्म योद्धाओं की आवश्यकता है।” 2016 में सूरत में “ताप्ति वंदना सेवा समिति” की स्थापना कर मां ताप्ति की सफाई और आरती जैसे कार्य प्रारंभ किए। वर्ष 2016 में वे हिन्दू महासभा की युवा इकाई अखिल भारत हिन्दू युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और राष्ट्रीय स्तर पर राम जन्मभूमि आंदोलन और देश में बढ़ते धर्म विरोधी आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कई बार गिरफ्तारी और जेल यात्रा भी व्यतीत की। वही वर्ष उज्जैन के सिंहस्थ कुंभ मेले में 15 दिवसीय आमरण अनशन द्वारा राम मंदिर निर्माण हेतु अपनी आस्था और संघर्ष को संस्थागत किया।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय योगदान
2017 में दिल्ली के रामलीला मैदान में गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित कराने के आंदोलन में उन्होंने नेतृत्व किया। 2018 में 11 दिवसीय धर्म महाकुंभ का सफल आयोजन किया। 2019 में दिल्ली जंतर मंतर पर 5 दिवसीय उपवास किया और रामलीखी शिलाओं के साथ अयोध्या पहुंचकर ऐतिहासिक शिलापूजन किया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। 2020 में अयोध्या के राम मंदिर भूमि पूजन समारोह में 100 मुख्य व्यक्तियों में शामिल हुए। इसी दौरान उन्हें G-20 समिट में Indo-European Business Council का डायरेक्टर नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने विश्व के 100 से अधिक देशों के राजदूतों के साथ सनातन धर्म और विश्व बंधुत्व का प्रचार किया।

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कोविड काल सेवा
कोविड संकट के दौरान शिवओम मिश्रा ने अपने संगठन के माध्यम से लाखों लोगों को भोजन, राशन किट, PPE किट, सेनेटाइजर, दवाइयां आदि उपलब्ध कराकर समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

हाल के ऐतिहासिक कार्य
2023 में स्थापित “सनातन सेवा न्यास” की अगुवाई में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में 11,000 अतिथियों को स्मृति चिन्ह वितरित किए। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के 13वें दिन कश्मीर के लालचौक में 3 घंटे 30 मिनट तक शहीदों की आत्मा की शांति हेतु हवन कर भगवा ध्वज फहराया और आतंकवादियों को देशभक्ति का सशक्त संदेश दिया।

 

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