स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) का रुख किया है। उनकी ओर से हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus Petition) दाखिल की गई है। याचिका में उनकी हिरासत और गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है।
नई दिल्ली। स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) का रुख किया है। उनकी ओर से हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus Petition) दाखिल की गई है। याचिका में उनकी हिरासत और गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है। स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) के वकील ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय (Chief Justice Devendra Kumar Upadhyaya) की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया। वकील की ओर से अदालत को बताया गया कि भारद्वाज पिछले कुछ दिनों से हिरासत में हैं और मामले में तत्काल सुनवाई की जरूरत है। इसके बाद हाई कोर्ट ने याचिका पर आज ही सुनवाई करने पर सहमति जताई।
यह मामला जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। भारद्वाज को पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली लाया गया और अदालत में पेश किया गया। मामले में पुलिस की ओर से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। भारद्वाज की ओर से दायर हेबियस कॉर्पस याचिका में उनकी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए रिहाई की मांग की गई है। अब हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई में अदालत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी और गिरफ्तारी से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार करेगी।