पहलगाम। “जख़्म गहरे हैं, लेकिन हौंसले हारे नहीं हैं।” आज ही के दिन 22 अप्रैल को ठीक एक साल पहले आतंकी हमले ने पहलगाम की शांत वादियों में खौफ पैदा कर दिया था। धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले इस इलाके में एक साल बाद अब डर की जगह धीरे-धीरे
पहलगाम। “जख़्म गहरे हैं, लेकिन हौंसले हारे नहीं हैं।” आज ही के दिन 22 अप्रैल को ठीक एक साल पहले आतंकी हमले ने पहलगाम की शांत वादियों में खौफ पैदा कर दिया था। धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले इस इलाके में एक साल बाद अब डर की जगह धीरे-धीरे