कभी-कभी महसूस होने लगता है कि उत्तर प्रदेश का नाम गजब प्रदेश होना चाहिए। आये दिन कुछ अजीबों गरीब मामले आते ही रहते है। अब एक मामला कानपुर से सामने आया है जहां सरकारी अस्पताल के डॉक्टर पेशी में गये थे ता उनका ड्राइवर ही मरीजों का पर्चा लिखने बैठ
कभी-कभी महसूस होने लगता है कि उत्तर प्रदेश का नाम गजब प्रदेश होना चाहिए। आये दिन कुछ अजीबों गरीब मामले आते ही रहते है। अब एक मामला कानपुर से सामने आया है जहां सरकारी अस्पताल के डॉक्टर पेशी में गये थे ता उनका ड्राइवर ही मरीजों का पर्चा लिखने बैठ
नई दिल्ली। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने मेडिकल लापरवाही के एक बेहद गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए उत्तर प्रदेश के सर्जन डॉक्टर राजीव लोचन को पीड़ित परिवार को करीब 12 साज बाद 2 करोड़ रुपये देने का एतेहासिक आदेश दिया है। आयोग ने कहा कि ऑपरेशन