अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, उप्र के मुख्यमंत्री जी ने नया विश्व रिकॉर्ड बनाया, 7000 करोड़ का कॉस्मेटिक फेशियल करवाया...उप्र के मुख्यमंत्री जी ने जिस प्रकार जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स की लगभग 7000 करोड़ की महाराशि को अपनी झूठी छवि को सच्ची बताने-दिखाने पर ख़र्च किया है....
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री जी ने अपनी छवि को चमकाने के लिए जनता के टैक्स के 7000 करोड़ की महाराशि खर्च कर दी। उन्होंने कहा, हम इतनी राशि में ‘KG से PG & RESEARCH’ तक की World Class 2-3 University बनाकर बच्चों-युवाओं का भविष्य सुधारेंगे।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, उप्र के मुख्यमंत्री जी ने नया विश्व रिकॉर्ड बनाया, 7000 करोड़ का कॉस्मेटिक फेशियल करवाया…उप्र के मुख्यमंत्री जी ने जिस प्रकार जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स की लगभग 7000 करोड़ की महाराशि को अपनी झूठी छवि को सच्ची बताने-दिखाने पर ख़र्च किया है, वो ग़रीबी-बेकारी, बेरोज़गारी, मंदी, एमएसपी और बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी ज़रूरतों के लिए जूझ रहे देश के सबसे बड़े प्रदेश के लिए बेहद अवांछनीय और अति-निंदनीय है।
उप्र के मुख्यमंत्री जी ने नया विश्व रिकॉर्ड बनाया
7000 करोड़ का कॉस्मेटिक फेशियल करवायाउप्र के मुख्यमंत्री जी ने जिस प्रकार जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स की लगभग 7000 करोड़ की महाराशि को अपनी झूठी छवि को सच्ची बताने-दिखाने पर ख़र्च किया है; वो ग़रीबी-बेकारी, बेरोज़गारी, मंदी,…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 7, 2026
पढ़ें :- कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं और बबुआ भी यही करते हैं...सीएम योगी का अखिलेश यादव पर निशाना
उन्होंने आगे लिखा, हम इतनी ही राशि में ‘KG से PG & RESEARCH’ तक की World Class 2-3 University बनाकर बच्चों-युवाओं का भविष्य सुधारकर दिखाएंगे, ‘उप्र को तरक़्क़ी और ख़ुशहाली के रास्ते पर ले जाएंगे, हम NEO INDIA बनाएंगे!’
कुछ लोग बच्चे ही रहते हैं: सीएम योगी
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं और बबुआ भी यही करते हैं। वो दोपहर 12 बजे सो कर उठते थे। दो बजे तैयार होते थे। पांच बजते-बजते उनके जिम जाने का समय हो जाता था और शाम 7 बजे महफिल सज जाती थी। देश प्रदेश के बारे में सोचने के लिए उनके पास समय ही कहां होता था। इसी कारा दंगे होते थे और महीनों-महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। प्रदेश की कानून व्यवस्था का हाल तो ये था कि महिलाओं को सबसे बड़ा खतरा इन्हीं सपाइयों से ही था।