Pahalgam attack Victim's Family : पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वालों में पुणे के संतोष जगदाले का नाम भी शामिल था। जगदाले की मौत के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। जिसके बाद महाराष्ट्र सरकार की ओर से संतोष जगदाले के परिवार के सदस्य को नौकरी देने का वादा किया गया था, जो वादा पूरा नहीं तो जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने केंद्र सरकार से संपर्क किया। अब इस पर एनसीपी-एसपी नेता सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा है।
Pahalgam attack Victim’s Family : पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वालों में पुणे के संतोष जगदाले का नाम भी शामिल था। जगदाले की मौत के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। जिसके बाद महाराष्ट्र सरकार की ओर से संतोष जगदाले के परिवार के सदस्य को नौकरी देने का वादा किया गया था, जो वादा पूरा नहीं तो जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने केंद्र सरकार से संपर्क किया। अब इस पर एनसीपी-एसपी नेता सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा है।
सुप्रिया सुले ने सोमवार को एक्स पोस्ट में लिखा, “पुणे के रहने वाले संतोष जगदाले पहलगाम हमले में मारे गए थे। इस घटना के बाद यह ऐलान किया गया था कि उनकी बेटी असावरी को सरकारी नौकरी दी जाएगी। खुद मुख्यमंत्री इसके पक्ष में थे। लेकिन, यह हैरानी की बात है कि असावरी को अभी भी नौकरी नहीं मिल रही है। असावरी बहुत पढ़ी-लिखी है और उसके पास काफी अनुभव भी है। उसकी काबिलियत के हिसाब से उसे सही नौकरी देने का प्रपोज़ल भी सरकार को भेजा गया था। लेकिन अभी तक उसे मंज़ूरी नहीं मिली है। परिवार के कमाने वाले की अचानक मौत की वजह से जगदाले परिवार को इस समय कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मैं सरकार से विनम्रता से रिक्वेस्ट करता हूं कि असावरी के नौकरी के ऑफ़र पर तुरंत ध्यान दें। यह सरकार पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले परिवारों के प्रति ऐसी ही सेंसिटिविटी ज़रूर दिखा सकती है।”
पहलगाम हल्ल्यामध्ये पुणे येथील रहिवासी संतोष जगदाळे यांचा मृत्यू झाला होता. या घटनेनंतर त्यांची कन्या आसावरी यांना शासकीय नोकरी देण्याची घोषणा करण्यात आली होती. स्वतः मुख्यमंत्री यासाठी अनुकूल होते. तरीही आसावरी यांना अद्यापही नोकरी मिळत नाही, याचे सखेद आश्चर्य वाटते. आसावरी या…
— Supriya Sule (@supriya_sule) February 16, 2026
बता दें कि असावरी जगदाले ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा था कि परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की पिछले साल 22 अप्रैल को आतंकवादियों द्वारा हत्या कर दिए जाने के बाद से हम आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। मुझे अपनी मां के साथ रहने के लिए प्राइवेट सेक्टर की नौकरी छोड़नी पड़ी, जो इस समय बहुत कठिन दौर से गुजर रही हैं। उन्होंने कहा कि बीते कई महीनों से उनका परिवार इमोशनल और पैसे की तंगी से गुजर रहा है। उनके पिता (संतोष जगदाले) के अंतिम संस्कार में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस उनके घर पहुंचे थे और उन्होंने नौकरी का वादा किया था।