बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। जल्द ही चुनाव की तारीखों का एलान हो सकता है। इससे पहले सत्तापक्ष और विपक्षी दल के नेताओं की तरफ से बड़े एलान किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के वोटरों को भी साधने की कोशिश हो रही है।
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। जल्द ही चुनाव की तारीखों का एलान हो सकता है। इससे पहले सत्तापक्ष और विपक्षी दल के नेताओं की तरफ से बड़े एलान किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के वोटरों को भी साधने की कोशिश हो रही है।
अब तेजस्वी यादव का बड़ा बयान आया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि, अतिपिछड़ा अब वोट बैंक नहीं बल्कि पावर बैंक बनेगा। अतिपिछड़ा अब सरकार बनाएंगे नहीं बल्कि अब खुद ही सरकार बनेंगे। आज पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान में “कर्पूरी अतिपिछड़ा अधिकार संवाद” में प्रदेश के कोने कोने से आए अतिपिछड़ा वर्ग के प्रेमियों से सार्थक संवाद हुआ।
अतिपिछड़ा अब वोट बैंक नहीं बल्कि पावर बैंक बनेगा। अतिपिछड़ा अब सरकार बनाएंगे नहीं बल्कि अब खुद ही सरकार बनेंगे।
आज पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान में “कर्पूरी अतिपिछड़ा अधिकार संवाद” में प्रदेश के कोने कोने से आए अतिपिछड़ा वर्ग के प्रेमियों से सार्थक संवाद हुआ। #EBC #Bihar #RJD… pic.twitter.com/FQi8Ebr3bL
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 27, 2025
पढ़ें :- भोजपुरी के सिंगर-एक्टर पवन सिंह के जन्मदिन पर पत्नी ज्योति ने दी बधाई, बोलीं- ‘भगवान आपकी सारी कामनाएं पूरी करें’
इससे पहले भी तेजस्वी यादव ने कहा था कि, बिहार में बदलाव के वाहक अतिपिछड़ा और अनुसूचित जाति वर्ग के प्रबुद्ध सामाजिक कार्यकर्ताओं से इन वर्गों के अधिकार और भागीदारी को लेकर सार्थक चर्चा हुई। सामाजिक कार्यकर्ता समाज में रचनात्मक व गुणात्मक बदलाव के लिए बहुआयामी सृजनात्मक भूमिका निभा सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाते है। वंचित और उपेक्षित वर्गों के समर्पित वैचारिक कार्यकर्ता युगों से स्थापित वर्चस्ववादी व्यवस्था तथा संरचनात्मक उत्पीड़न को चुनौती देकर न्यायपूर्ण तथा समावेशी समाज का निर्माण करते हैं।