राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुंच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री “आतंकवादी” कह रहे हैं। ज़रा सोचिए - जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया-वो आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज़ उठाने वालों को “दहशतगर्द” बता रहा है।
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री “आतंकवादी” कह रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान जी, देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफ़ी मांगिए।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुंच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री “आतंकवादी” कह रहे हैं। ज़रा सोचिए – जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया-वो आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज़ उठाने वालों को “दहशतगर्द” बता रहा है।
सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुँच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री “आतंकवादी” कह रहे हैं।
ज़रा सोचिए – जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 25, 2026
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पर यह कोई नई बात नहीं: अन्नदाता किसानों को “आंदोलनजीवी और परजीवी” कहा। सवाल पूछने वाले को “Anti-National” कहा। और अब युवाओं को “दहशतगर्द।” जो भी सरकार से सवाल पूछे-उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है। उन्होंने अगो लिखा, धर्मेंद्र प्रधान जी, देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफ़ी मांगिए और अपनी नाकामियों के लिए इस्तीफ़ा दीजिए। और रही मेरी बात-आप मुझ पर जितने चाहें हमले कर लीजिए। मैंने कोटा में कहा था, और फिर कहता हूं: यह शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है। मैं इसे ऐसे ही नहीं रहने दूंगा। हर बच्चे को सस्ती, अच्छी शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा मिले – इस आवाज़ को उठाना मैं कभी बंद नहीं करूंगा।