देश की आजादी 1947 से अब तक के 78 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर भारतीय रुपए कीमत सबसे निचले स्तर पर पहुंची है। कांग्रेस पार्टी के नेता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज करते हुए x पोस्ट पर लिखा ने मुबारक हो!
नई दिल्ली। देश की आजादी 1947 से अब तक के 78 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर भारतीय रुपए कीमत सबसे निचले स्तर पर पहुंची है। कांग्रेस पार्टी के नेता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज करते हुए x पोस्ट पर लिखा ने मुबारक हो!
मुबारक हो!
मोदी जी ने वो कर दिखाया जो उनसे पहले कोई प्रधानमंत्री नहीं कर पाया
रुपया इस बार पहुँचा 93.30 के पार
लगता है शतक मरवा कर ही मानेंगे मोदी जी!
पढ़ें :- जनता की आवाज दबाने के लिए पीएम मोदी हर वो रास्ता बंद कर देना चाहते हैं जहां सवाल पूछा जा सके: सुप्रिया श्रीनेत
लेकिन अब नामचीन पत्रकार, कलाकार और सदी के अभिनेताओं को कोई मज़ाक़ नहीं सूझेगा
सबको साँप जो सूंघ गया है pic.twitter.com/4y1J0iHSLh
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) March 19, 2026
मोदी जी ने वो कर दिखाया जो उनसे पहले कोई प्रधानमंत्री नहीं कर पाया। उन्होंने लिखा कि रुपया इस बार 93.30 के पार पहुँचा। सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा कि लगता है शतक मरवा कर ही मानेंगे मोदी जी।लेकिन अब नामचीन पत्रकार, कलाकार और सदी के अभिनेताओं को कोई मज़ाक़ नहीं सूझेगा। सबको साँप जो सूंघ गया है।
लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी का तर्क था कि भारत का रुपया जो गिर रहा है, सरकार की विफलता है
अच्छे दिन आ गए है… pic.twitter.com/5FWBlXL9xl
— हिंदुस्तानी 🇮🇳 (@iam_ajay_19) March 19, 2026
2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान, तत्कालीन गुजरात मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने गिरते रुपए को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखे हमले किए थे। उन्होंने कहा था कि रुपया उसी देश का गिरता है जिस देश का प्रधानमंत्री गिरा हुआ होता है। मोदी ने तर्क दिया था कि यह शासन की कमजोरी है।उन्होंने कहा था कि नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान की करेंसी नहीं गिर रही है, लेकिन भारत का रुपया गिर रहा है, जो सरकार की विफलता है।
शासन की विफलता का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा था कि जब रुपया ₹55-60 के आसपास था, तब यह गिरना आर्थिक कुप्रबंधन का संकेत था। उन्होंने इसे एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाकर वादा किया था कि भाजपा सरकार आने पर रुपए की कीमत में स्थिरता आएगी और देश का सम्मान बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि विदेशों से काला धन वापस आता है, तो रुपए की मजबूती के साथ ही हर गरीब के खाते में बड़ी रकम आएगी।