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बिहार विधानसभा का नए सिरे से कराए जाए चुनाव, प्रशांत किशोर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई

जन सुराज पार्टी (Jan Suraj Party)  के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) की पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  में एक याचिका दायर की है, जिसमें चुनाव से पहले महिलाओं को सीधे 10,000 रुपये हस्तांतरित करने पर सवाल उठाया है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। जन सुराज पार्टी (Jan Suraj Party)  के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) की पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  में एक याचिका दायर की है, जिसमें चुनाव से पहले महिलाओं को सीधे 10,000 रुपये हस्तांतरित करने पर सवाल उठाया है। पार्टी ने बिहार चुनाव (Bihar Elections) में अवैध प्रक्रियाओं को चुनौती देते हुए और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग करते हुए कोर्ट में रिट याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) भी मामले की सुनवाई करने को राजी हो गया है।

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बिहार चुनाव (Bihar Elections)  को लेकर नया मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  में पहुंचा है। प्रशांत किशोर (Prashant Kishore)  की पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  में याचिका लगाते हुए कहा है कि बिहार  चुनाव (Bihar Elections)  के दौरान महिलाओं को सीधे 10,000 रुपये हस्तांतरित किया जाना गलत है। पार्टी ने राज्य में महिला मतदाताओं को कथित तौर पर आचार संहिता (Code of Conduct) लागू होने के दौरान 10 हजार रुपये के सीधे हस्तांतरण किए जाने को चुनौती दी है।

SC शुक्रवार छह फरवरी को करेगा मामले की सुनवाई

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (Chief Justice Surya Kant) और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच इस मामले की सुनवाई कल शुक्रवार को करेगी। जन सुराज पार्टी की ओर से संविधान की 32 के तहत दायर रिट याचिका में यह घोषणा करने की मांग की गई है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (Chief Minister Women Employment Scheme) के तहत नए लाभार्थियों को जोड़ना, और मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (Model Code of Conduct) लागू रहने के दौरान उन्हें भुगतान करना, अवैध था। संविधान की धारा 14, 21, 112, 202 और 324 का घोर उल्लंघन था।

याचिका में चुनाव आयोग (Election Commission)  को संविधान की धारा 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 (जो भ्रष्ट आचरण से संबंधित है) के तहत बिहार चुनावों में 25 से 35 लाख महिला वोटर्स को 10,000 रुपये सीधे ट्रांसफर करने के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश देने की मांग की गई है। पार्टी की ओर से यह घोषणा करने की भी मांग की गई है कि 2 चरणों में कराई गई वोटिंग के दौरान सेल्फ-हेल्प ग्रुप जीविका की 1.8 लाख महिला लाभार्थियों को पोलिंग बूथ पर तैनात करना अवैध और अनुचित था।

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बिहार में फिर से चुनाव की मांग

चुनाव के दौरान कथित भ्रष्ट आचरणों को देखते हुए बिहार में फिर से विधानसभा चुनाव कराने की गुजारिश की गई है। याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग (Election Commission) को एस सुब्रमण्यम बालाजी बनाम तमिलनाडु (2013) 9 SCC 659 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देशों को लागू करने और मुफ्त योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजनाओं आदि पर व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने के निर्देश देने की मांग की है।

जन सुराज पार्टी (Jan Suraj Party) की ओर से दाखिल याचिका में यह भी कहा गया कि चुनाव आयोग (Election Commission) चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले सत्ता में मौजूद राजनीतिक दलों की ओर से मुफ्त योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजनाओं, कल्याणकारी योजनाओं आदि जैसी कई योजनाओं को लागू करने के लिए एक न्यूनतम समय तय करे और यह करीब 6 महीने तय किया जाना चाहिए,क्योंकि इससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर काफी असर पड़ता है।

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