ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर अब दुनियाभर में देखने को मिलने लगा है। पेट्रोल-डीजल के साथ ही एलपीजी सिलेंडर पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। हालांकि, इन सबके बीच सरकार ने एक बड़ी राहत वाली जानकारी दी है।
नई दिल्ली। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर अब दुनियाभर में देखने को मिलने लगा है। पेट्रोल-डीजल के साथ ही एलपीजी सिलेंडर पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। हालांकि, इन सबके बीच सरकार ने एक बड़ी राहत वाली जानकारी दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि, देश में कच्चे तेल की उपलब्धता फिलहाल पूरी तरह सामान्य और आरामदायक स्थिति में है और किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने की कोई खबर नहीं है।
सुजाता शर्मा ने बताया कि, देश हर दिन करीब 55 लाख बैरल कच्चे तेल का इस्तेमाल करता है और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है। पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पादों की उपलब्धता को लेकर सरकार को भरोसा है कि आम लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी। देशभर में एक लाख पेट्रोल पंप काम कर रहे हैं और इनमें से सबसे ज्यादा सरकारी हैं। लेकिन अभी तक कहीं भी तेल खत्म होने की स्थिति नहीं आई है।
वहीं, एलपीजी को लेकर भी उन्होंने कहा कि, सरकार इसको लेकर कदम उठा रही है। 9 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आदेश जारी कर सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद घरेलू उत्पादन बढ़कर 28 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो पहले करीब 25 प्रतिशत था। सरकार का कहना है कि इससे घरेलू गैस की उपलब्धता और बेहतर होगी। सुजाता शर्मा ने यह भी बताया कि भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है और इसमें से करीब 90 प्रतिशत सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य से आती है। मौजूदा हालात को देखते हुए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति जरूर है, लेकिन सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की सप्लाई प्रभावित न हो।