Maneka Gandhi on Delhi's Pollution: दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र और राज्य सरकार को घेर रहा है। इसका विरोध जताते हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन नेता प्रतिपक्ष आतिशी और अन्य विपक्षी नेता गैस मस्क लगाकर सदन पहुंचे थे। इस बीच, भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने दिल्ली में जहरीली हवा के लिए आतिशबाज़ी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने पटाखे फोड़ने वालों को देशद्रोही करार दिया है।
Maneka Gandhi on Delhi’s Pollution: दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र और राज्य सरकार को घेर रहा है। इसका विरोध जताते हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन नेता प्रतिपक्ष आतिशी और अन्य विपक्षी नेता गैस मस्क लगाकर सदन पहुंचे थे। इस बीच, भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने दिल्ली में जहरीली हवा के लिए आतिशबाज़ी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने पटाखे फोड़ने वालों को देशद्रोही करार दिया है।
मेनका गांधी ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान पटाखों के इस्तेमाल और सुप्रीम कोर्ट द्वारा ग्रीन पटाखों की इजाजत देने के फैसले की कड़े शब्दों में आलोचना की। भाजपा नेता ने कहा, “जो लोग पटाखे इस्तेमाल करते हैं वे ‘देशद्रोही’ हैं। इसे लेकर मेरे मन में कोई अन्य शब्द नहीं हैं।’ दिवाली पर आतिशबाजी की परंपरा पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने पूछा कि क्या जब भगवान राम और सीता वनवास से वापस आए थे तब क्या आतिशबाजी की गई थी?
पर्यावरण और पशु अधिकारों के लिए मुखर रहने वालीं मेनका गांधी ने कहा कि दिवाली के दिन, दशहरे के दिन, शादियों पर, नए साल पर, क्रिकेट मैच के दौरान या किसी अन्य दिन वे लोग पटाखे जलाते हैं नतीजतन हम सांस नहीं ले पाते हैं। उन्होंने कहा, ‘देश में हम अन्य चीजों पर दोष डालते हैं कि कोई खेतों को जला रहा है, गाड़ियों की समस्या है लेकिन ये सब झूठ है, क्योंकि दिवाली के तीन दिन पहले तक हवा एक दम साफ होती है और दिवाली से लेकर नए साल तक हम सांस नहीं ले पाते हैं।’
मेनका ने आगे कहा, “सिर्फ दिवाली के दिन यदि 800 करोड़ के पटाखे केवल दिल्ली में उड़ाए जाएं तो उसका नतीजा क्या होगा? हम लोग अवसाद में हैं क्योंकि जब तक बारिश नहीं होती तब तक यह जहरीली हवा नहीं जाएगी।” ग्रीन पटाखों पर बोलते हुए उन्होंनी कहा, “ऐसी (ग्रीन पटाखे) कोई चीज दुनिया में नहीं है। अजीब बात तो यह है कि जो लोग पटाखों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करते हैं, वही लोग सबसे ज्यादा सरकार पर आरोप लगाते हैं।”