फर्जी मार्कशीट और डिग्री छापने व बेचने वाले एक गिरोह के तीन आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से कौशांबी के अलावा अन्य जिलों के स्कूल-कॉलेजों की मार्कशीट और डिग्रियां बरामद की गईं है।
कानपुर। फर्जी मार्कशीट और डिग्री छापने व बेचने वाले एक गिरोह के तीन आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से कौशांबी के अलावा अन्य जिलों के स्कूल-कॉलेजों की मार्कशीट और डिग्रियां बरामद की गईं है। इसके अलावा पुलिस को आरोपितों के पास से मिले बैंक खातें भी मिले है। जिसमें लगभग 21 करोड़ के लेनदेन देखने को मिले हैं। बरामद किए गए सभी मार्कशीट और डिग्रियों को सत्यापन के लिए भेज दी गई हैं।
इस गिरोह का संबंध पुराने गिरोह से जोड़ कर छानबीन की जा रही है। इससे पहले भी पुलिस किदवई नगर से 10 और बेकनगंज के हीरामन का पुरवा क्षेत्र से चार आरोपितों को जेल भेज चुकी है। दोनों मामलों में एसआइटी जांच कर रही है। आपको बता दें कि पुलिस ने आठ जून की रात हीरामन का पुरवा के एक मकान में छापेमारी कर फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां बेचने वाले गिरोह को अपने शिकंजे में लिया था। पकड़े गए सभी आरोपितों को जेल भेजा गया था। इनमें एक आरोपी जियाउल हसन भी है जिसका नेटवर्क सऊदी अरब, कनाडा, ब्रिटेन, लंदन, दुबई व देश में कई राज्यों में फैला है। इसके अलावा और भी इस सरगने में शामिल आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इस गिरोह से लगभग 14 विश्वविद्यालय व माध्यमिक शिक्षा परिषद से 1030 फर्जी डिग्री व मार्कशीट बरामद की थीं। ये फर्जी डिग्रीयां उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, झारखंड, मणिपुर, सिक्किम राज्य से संबंधित है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि इन दोनों गिरोह का जाल देश के लगभग 26 राज्यों में है।
आठ जून को निजी कंपनी के एक कुरियर से एक लिफाफे में मार्कशीट-डिग्रियां दिल्ली भेजी जा रही थीं। जो गिरोह यह काम कर रहा था उसे पकड़ लिया गया था। जब लिफाफे को खोला गया तो उसमें कौशांबी के कॉलेज की मार्कशीट पाई गई थी। उसी आधार पर जांच कर टीम ने इस गिरोह को पकड़ा है। अभी पूरी जांच होने के बाद ही इस घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।