संयुक्त राष्ट्र - महासभा के अध्यक्ष की प्रवक्ता ला नीस कॉलिन्स के अनुसार, मालदीव ने महासचिव पद के लिए वर्जीनिया गांबा के अपने अप्रत्याशित नामांकन को वापस ले लिया है, और चिली ने मिशेल बाचेलेट के अपने नामांकन से पीछे हट गया है।
UN Secretary-General Election : संयुक्त राष्ट्र – महासभा के अध्यक्ष की प्रवक्ता ला नीस कॉलिन्स के अनुसार, मालदीव ने महासचिव पद के लिए वर्जीनिया गांबा के अपने अप्रत्याशित नामांकन को वापस ले लिया है, और चिली ने मिशेल बाचेलेट के अपने नामांकन से पीछे हट गया है। दोनों देशों के इस फैसले के बाद अब चुनाव मैदान में केवल एक महिला उम्मीदवार कोस्टारिका की प्रमुख अर्थशास्त्री रेबेका ग्रिनस्पैन (Economist Rebeca Grynspan) ही बची हैं। इससे उम्मीदवारों की संख्या भी पांच से घटकर तीन हो जाती है, जिनमें से अन्य दो पुरुष हैं।
मालदीव द्वारा गांबा का नामांकन एक आश्चर्य की बात थी क्योंकि अर्जेंटीना के इस नागरिक के दक्षिण एशियाई द्वीपसमूह से किसी भी प्रकार के विशेष संबंध होने की जानकारी नहीं थी।
अर्जेंटीना के राफेल ग्रोसी अभी चुनाव मैदान में डटे हुए हैं और उन्हें अपने देश का पूरा समर्थन प्राप्त है। चिली के हटने के बावजूद ब्राजील और मैक्सिको के समर्थन से मिशेल बेचलेट अभी उम्मीदवार बनी हुई हैं। बेचलेट चिली की पूर्व राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार उच्चायुक्त रह चुकी हैं, जिसके चलते कई देशों के साथ उनके मतभेद भी रहे हैं।
अमेरिका में चक एडवर्ड्स ने उनकी उम्मीदवारी का विरोध किया है और कहा है कि अमेरिकी संसद के कुछ सदस्य उनके खिलाफ पत्र तैयार कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिका और इजरायल में मानवाधिकारों को लेकर मिशेल बेचलेट की आलोचना को इसका कारण बताया।
सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य होने के कारण अमेरिका उनके चुनाव को वीटो कर सकता है, जिससे ब्राजील और मैक्सिको का समर्थन बेअसर हो सकता है। चुनाव के एक अन्य उम्मीदवार मैकी सैल हैं, जिन्हें बुरुंडी का समर्थन मिला है।
यदि कोई और मजबूत महिला उम्मीदवार सामने नहीं आती है तो कोस्टारिका की ग्रीनस्पैन को बढ़त मिल सकती है, क्योंकि इस बार एक महिला महासचिव चुनने का दबाव बढ़ रहा है।
नामांकन की अंतिम तारीख बुधवार है और 20 अप्रैल से उम्मीदवारों के इंटरैक्टिव सत्र शुरू होंगे, जिनमें वे अपनी योजना पेश करेंगे और सवालों के जवाब देंगे।
हालांकि महासभा में साधारण बहुमत से विजेता तय होता है, लेकिन असली निर्णय सुरक्षा परिषद करती है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार महासभा महासचिव की नियुक्ति सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर ही करती है।