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UP Elections 2022 : ज्योतिषियों के ‘एग्जिट पोल’ में जानें किसकी किस्मत का चमकेगा सितारा

यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजे (UP Election Result 2022) आने में कुछ ही घंटे शेष बचे हैं। इससे पहले सभी दल जीत के दावे कर रही हैं। न्यूज चैनलों के एग्जिट पोल्स (Exit Poll) में भाजपा (BJP) एक बार फिर सरकार बना सकती है। वहीं खास बात यह है कि ज्योतिषी (Astrologer) भी बीजेपी (BJP) की जीत के दावे कर रहे हैं। हालांकि समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) को ज्योतिषी लाभ होने की संभावनाएं जता रहे हैं, लेकिन सपा को ज्योतिषी जगत में बहुमत मिलता दिखता रहता है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजे (UP Election Result 2022) आने में कुछ ही घंटे शेष बचे हैं। इससे पहले सभी दल जीत के दावे कर रही हैं। न्यूज चैनलों के एग्जिट पोल्स (Exit Poll) में भाजपा (BJP) एक बार फिर सरकार बना सकती है। वहीं खास बात यह है कि ज्योतिषी (Astrologer) भी बीजेपी (BJP) की जीत के दावे कर रहे हैं। हालांकि समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) को ज्योतिषी लाभ होने की संभावनाएं जता रहे हैं, लेकिन सपा को ज्योतिषी जगत में बहुमत मिलता दिख रहा है।

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ज्योतिषाचार्यों ने बीजेपी को लेकर किया बड़ा दावा

मेरठ के ज्योतिषी विनोद त्यागी और मथुरा के आलोक गुप्ता ने बताया कि योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की कुंडली से उनकी जीत तय दिख रही है लेकिन बीजेपी की कुंडली अच्छे संकेत नहीं दे रही। ऐसे में बीजेपी 200 का भी आंकड़ा नहीं छू पाएगी। इसे 160 के आसपास सीटें मिलने के आसार हैं। खास बात यह है कि मणिपुर को छोड़कर कहीं भी बीजेपी को सरकार नहीं बनेगी, क्योंकि बीजेपी की कुंडली में दशाएं ठीक नहीं है। दरअसल गोचर का राहु जन्मकालिक राहु पर दृष्टि गड़ाए है। यह स्थिति भ्रम पैदा कर रही है।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कुंडली में त्रिकोण में स्थित गुरु और मंगल का परस्पर राशि परिवर्तन राज्योगकारी रहा है। वर्तमान में गुरु की महादशा में सूर्य की अंतर्दशा है। जो उनकी व्यक्तिगत छवि और प्रतिष्ठा के लिए अनुकूल है। बावजूद इसके मुख्य मंत्री पद तो समग्र पार्टी की सीटों की संख्या पर निर्भर करती है। अब बीजेपी पार्टी की स्थापना से देखे तो सूर्य में राहु के प्रभाव के कारण विधानसभा चुनाव में 50 प्रतिशत सीटों का नुकसान दिख रहा है।

योगी का बड़ा है प्रभाव

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वहीं ज्योतिषाचार्य निधि मिश्रा बताया कि योगी की कुंडली भाग्येश लग्नेश, कर्मेश की षष्टम भाव में युति के साथ ही मंगल वहां स्थित होकर शत्रुता योग रहा है। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव बृहस्पति की लग्न पर मित्र दृष्टि यह दर्शाती है कि योगी ही पुनः उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी करेंगे। गुरु की दृष्टि लग्न पर आने वाले समय में योगी को जनता द्वारा उनके व्यक्तित्व के प्रभाव में और बुद्धि दिलाने वाली होगी। कुल मिलाकर लम्मेश का पराक्रम भाव में गोचर और साथ ही सप्तमेश के साथ प्रति बहुत सकारात्मक फलदायक है। यह दर्शाता है कि विधानसभा 2022 का परिणाम BJP के पक्ष में होगा।

 योगी फिर बन सकते हैं सीएम

ज्योतिषाचार्य सुमित विजयवर्गीय ने उत्तर प्रदेश विधासनभा चुनाव के नतीजे को लेकर कहा कि योगी आदित्यनाथ का जन्म सिंह लग्न में व चंद्र राशि वृषभ है। लग्नेश सूर्य राजयोग बनाते हुए पंचम भाव में बैठे हैं। दशम स्थान पर चंद्र व शनि की युति है जो कि प्रवज्या या संन्यास कारक है। दशम स्थान पर शनि व चंद्र किसी संप्रदाय व मठ का महंत बनाते हैं। शुक्र शनि की राशि में है जो कि विलासिता में कमी को दर्शाता है। अष्टम भाव में बैठा मंगल प्रभावी वाणी का कारक है। अभी वर्तमान में शनि की महादशा चल रही है, जिसमें शनि की ही अंतर्दशा चल रही है, शनि देश व सप्तमेश भी हैं, जो कि क्की होने के कारण अत्यंत फलदायी है। शनि व चंद्र का संबंध पुनः दशमांश कुंडली के दशम भाव से हो रहा है। ऐसे में योगी आदित्यनाथ के प्रदेश का फिर से मुख्यमंत्री बनने के प्रबल योग हैं।

वहीं अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के भविष्य को लेकर उन्होंने कहा कि उनका जन्म तुला लग्न व मेष राशि में हुआ है। लग्नेश शुक एकादश भाव पर सिंह राशि में बैठा है जो कि उन्हें विलासी व लोकप्रिय बनाता है। चंद्रमा पर गुरु की राजयोग का कारक वर्तमान में इनकी गुरु की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा चल रही है चूंकि यह दशा पष्ठेश में अष्टमेश तृतीपेश में सग्नेश की महादशा है। इसके कारण आंतरिक संघर्ष, परेशानी, आरोप प्रत्यारोप समय रहेगा गुरु व शुक्र दोनों दशमांश कुंडली में पाठेश व आष्टमेश हो रहे हैं जिसके कारण राजयोग में बाधा है।

सत्ता के लिए होगी कांटे की लड़ाई

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अयोध्या के ही आचार्य शिवेंद्र ने बताया है कि अखिलेश की कुंडली में राहु चतुर्थ स्थान में बैठा है। गुरु के राशि पर गुरु की संगत में जब भी यह आता है तो परिणाम अच्छा नहीं देता। परिश्रम अधिक कराता है। उनकी कुंडली में केतु कर्म क्षेत्र में बैठा है जो अच्छा परिणाम नहीं देता। अखिलेश के सभी ग्रहों को देखने बाद यह कहा जा सकता है कि इन्हें पूर्ण बहुमत तो मिलते हुए नहीं दिख रहा है। हालांकि लाभ के संकेत जरूर हैं। कुल मिलाकर दोनों कुंडली को देखकर यह कहा जा सकता है कि सत्ता के लिए काटे की लड़ाई हो सकती है।

समाजवादी पार्टी के लिए फल प्रदान करने वाला समय

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की स्थापना 4 अक्टूबर 1992 की हुई। सायं 3 बजे के लिहाज से धनु राशि व मकर लग्न की कुंडली है। वर्तमान में राहु की महादशा में शनि की अंतर्दशा चल रही है। चूंकि लग्न चक्र में शनि स्वगृही होकर लग्न(केंद्र) में विराजमान है। इसके अलावा गोचरीय स्थिति में भी शनि मकर राशि का है। शनि के साढ़े साती उतर रही है। यह दशा पार्टी के लिए बेहद लाभ का फल प्रदान करने वाला होगा। पिछले विधानसभा के परिणाम की तुलना में इस चुनाव में तीन गुने से अधिक सीटें प्राप्त होंगी।

बता दें कि उत्तर प्रदेश समेत गोवा और मणिपुर में बीजेपी को एग्जिट पोल्स स्पष्ट बहुमत देते दिख रहे हैं। वहीं पंजाब में आप और उत्तराखंड में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर की संभावनाएं जताई गई है। ऐसे में अब यह देखना बेहद अहम होगा कि 10 मार्च को मतगणना के बाद एग्जिट पोल्स से लेकर ज्योतिषियों की ये भविष्यवाणियां कितनी सटीक साबित होती हैं।

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