मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच दोनों तरफ से मिसाइले गरज रही है। जंग लंबी होती जा रही है। इसी बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
US Israel Iran War : मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच दोनों तरफ से मिसाइले गरज रही है। जंग लंबी होती जा रही है। इसी बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार (28 मार्च) सुबह यमन से इजरायल की ओर एक मिसाइल दागी गई। IDF (इजरायल डिफेंस फोर्सेज) के मुताबिक, ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ शुरू होने के एक महीने बाद यह हूतियों का पहला हमला है।
खबरों के अनुसार, इस हमले से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को यमनी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने एक बड़ा बयान दिया था। ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, सारी ने कहा कि अगर ईरान और ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ (Regional Resistance Group) के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई (US-Israel Action) जारी रहती है, तो यमन सीधे तौर पर युद्ध में उतरने के लिए तैयार है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हमारा हाथ ट्रिगर पर है और हम सीधी सैन्य दखल देने की पुष्टि करते हैं। यमन के हूती विद्रोही एक शिया इस्लाम ((Zaidi Sect) से जुड़ा सशस्त्र संगठन है, जो वर्तमान में यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखता है और इसे ईरान का समर्थन प्राप्त है।
यह चेतावनी अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए उन हमलों के एक महीने बाद आई है, जिन्हें ईरान ने ‘बिना उकसावे वाली आक्रामकता’ बताया है। याह्या सारी ने चेतावनी दी कि अगर कोई और पार्टी इस लड़ाई में शामिल होती है या लाल सागर का इस्तेमाल ईरान या अन्य मुस्लिम देशों के खिलाफ किया जाता है, तो यमन इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने इस स्टैंड को एक ‘धार्मिक और नैतिक जिम्मेदारी’ करार दिया है।