1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. मैनाठेर कांड में 15 साल बाद फैसला: IPS अशोक सिंह पर हमले के 16 दोषियों को उम्रकैद

मैनाठेर कांड में 15 साल बाद फैसला: IPS अशोक सिंह पर हमले के 16 दोषियों को उम्रकैद

मुरादाबाद के बहुचर्चित मैनाठेर कांड में करीब 15 साल बाद बड़ा फैसला आया है। अदालत ने IPS अधिकारी अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। ADJ (Additional District Judge) कोर्ट ने.....

By Harsh 
Updated Date

लखनऊ, पर्दाफाश।  मुरादाबाद के बहुचर्चित मैनाठेर कांड में करीब 15 साल बाद बड़ा फैसला आया है। अदालत ने IPS अधिकारी अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। ADJ (Additional District Judge) कोर्ट ने चार दिन पहले सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था। अशोक कुमार सिंह वर्तमान में लखनऊ में अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) के पद पर तैनात हैं।

पढ़ें :- मायावती बोलीं- वन्दे मातरम् गायन पर बहस के बजाए शिक्षा, बेरोजगारी और बाढ़ जैसे जनहित के मुद्दों पर ध्यान दे सत्ता-विपक्ष

कैसे भड़का था मैनाठेर कांड

मामला जुलाई 2011 का है, जब अशोक सिंह मुरादाबाद में SSP के पद पर तैनात थे। 5 जुलाई को पुलिस एक छेड़छाड़ के आरोपी को पकड़ने गांव में पहुंची थी। आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया, लेकिन कुछ अराजक तत्वों ने यह अफवाह फैला दी कि पुलिस ने धार्मिक पुस्तक (कुरआन) का अपमान किया है। अफवाह के बाद माहौल तेजी से बिगड़ गया और 6 जुलाई को भीड़ सड़क पर उतर आई। उग्र भीड़ ने मैनाठेर थाने पर पथराव किया और आगजनी की।

भीड़ में फंसे SSP, दो घंटे तक चलता रहा हमला

बवाल की सूचना पर SSP अशोक सिंह और तत्कालीन DM राजशेखर मौके पर पहुंचे। अशोक सिंह लाउड हेलर से भीड़ को शांत करने की कोशिश कर रहे थे, तभी भीड़ ने उन पर पथराव शुरू कर दिया।हालात बिगड़ते देख DM मौके से निकल गए। इसी बीच गलतफहमी में पुलिस की गाड़ियां भी आगे बढ़ गईं और अशोक सिंह भीड़ में अकेले फंस गए। उग्र भीड़ ने उन पर हमला कर दिया और बेरहमी से पीटा, यहां तक कि उन्हें मरा समझकर छोड़ दिया। करीब दो घंटे बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंची और उन्हें भीड़ से बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक महीने तक इलाज चला। बाद में AIIMS में लंबा इलाज कराने के बाद उनकी जान बच सकी।

पढ़ें :- कॉकरोच जनता पार्टी का Instagram अकाउंट हटा तो CJP ने स्वतंत्रता दिवस पर आवाज़ को दबाने की कोशिश का लगाया आरोप

घटना के बाद मचा था बड़ा बवाल

इस घटना के बाद पूरे मुरादाबाद में माहौल बेहद संवेदनशील हो गया था। तत्कालीन मायावती सरकार को हालात संभालने के लिए बड़े स्तर पर प्रशासनिक और पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। घटना के बाद SSP की सुरक्षा में तैनात 7 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया था। साथ ही तत्कालीन DM राजशेखर का भी तबादला कर दिया गया था। अब 15 साल बाद आए इस फैसले को न्याय की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...