उत्तराखंड के काशीपुर से एक दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मॉडलिंग में करियर बनाने के सपने ने एक हंसते-खेलते परिवार को बिखेर दिया। यहां 18 वर्षीय छात्रा कांति झा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डॉक्टरों की देरी के वजह से मृतका के शव की भारी अपमान हुई। इसके चलते परिजनों को बीते शुक्रवार रात करीब 11 बजे ढेला नदी किनारे श्मशान घाट पर भारी दुखद माहौल में अंतिम संस्कार करना पड़ा।
काशीपुर। उत्तराखंड के काशीपुर से एक दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मॉडलिंग में करियर बनाने के सपने ने एक हंसते-खेलते परिवार को बिखेर दिया। यहां 18 वर्षीय छात्रा कांति झा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डॉक्टरों की देरी के वजह से मृतका के शव की भारी अपमान हुई। इसके चलते परिजनों को बीते शुक्रवार रात करीब 11 बजे ढेला नदी किनारे श्मशान घाट पर भारी दुखद माहौल में अंतिम संस्कार करना पड़ा।
मुख्य आरोपी समेत 3 हिरासत में, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
परिजनों के मुताबिक, रामनगर रोड निवासी जॉनी नाम के एक युवक ने करीब छह महीने पहले कांति को अपने झांसे में लिया था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उसे मॉडलिंग के क्षेत्र में बड़ा नाम कमाने का सपना दिखाया और धीरे-धीरे उसे परिवार के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया। घटना वाली रात आरोपी ने फोन कर कांति को घर से बाहर बुलाया था, जिसके बाद उसका शव सड़क किनारे पाया गया। मृतका के दिव्यांग पिता बच्ची झा की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी जॉनी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।
शव को कराया 170 किमी का सफर
काशीपुर और रुद्रपुर के डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से समय पर पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। इसके चलते परिजनों को शव के साथ करीब 170 किलोमीटर तक भटकना पड़ा, जिससे मृतका के शव की भारी अपमान हुई।
देर रात रोते हुए पिता ने दी मुखाग्नि
प्रशासनिक देरी के कारण कांति का शव शुक्रवार देर रात काशीपुर पहुंचा। उसके बाद रात करीब 11 बजे ढेला नदी किनारे स्थित श्मशान घाट पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। दिव्यांग पिता ने अपनी इकलौती बेटी को मुखाग्नि दी। आपको बता दें कि कांति इसी साल काशीपुर के एक इंटर कॉलेज से हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। यह परिवार पिछले 22 वर्षों से काशीपुर में ही रह रहा था जो मूल रूप से बिहार के दरभंगा का रहने वाला था। इस दुखद घटना के बाद से स्थानीय लोगों में पुलिस और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ बहुत आक्रोश है।