यूपी विधानसभा (UP Assembly) में सपा विधायक अनिल प्रधान (SP MLA Anil Pradhan) ने किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाया। कहा कि विकास कार्यों के नाम पर किसानों की जमीन औने-पौने दामों पर ली जा रही है। किसान कर्ज से और मौसम की अनिश्चितता से परेशान है। वहीं, अन्ना पशु भी उनकी फसल नष्ट कर देते हैं।
लखनऊ। यूपी विधानसभा (UP Assembly) में सपा विधायक अनिल प्रधान (SP MLA Anil Pradhan) ने किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाया। कहा कि विकास कार्यों के नाम पर किसानों की जमीन औने-पौने दामों पर ली जा रही है। किसान कर्ज से और मौसम की अनिश्चितता से परेशान है। वहीं, अन्ना पशु भी उनकी फसल नष्ट कर देते हैं। किसानों को खाद के लिए चार-चार दिन लाइनों में लगना पड़ता है और पुलिस की लाठियां खानी पड़ती हैं। वहीं, डीजल की कीमतें के कारण किसान महंगाई से परेशान हैं।
सपा विधायक के सवालों का जवाब देते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही (Agriculture Minister Surya Pratap Shahi) ने कहा कि यूपी में डीजल की कीमतें पश्चिम बंगाल (West Bengal), केरल (Kerala), तमिलनाडु (Tamil Nadu) सहित करीब 20 राज्यों में सबसे कम हैं। यूपी में डीजल पर वैट भी अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम है। इसलिए सपा सदस्य का ये सवाल निराधार है। वहीं, किसानों की आय बढ़ाने और लागत कम करने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों के लिए कई और योजनाओें पर भी काम किया जा रहा है जिससे किसान लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सपा के लोग सड़क बनाने की बात तो करते हैं पर क्या सड़क हवा में बनेगी। इसके लिए जमीन ली जाती है और किसानों से बात कर उन्हें मार्केट रेट पर मुआवजा दिया जाता है। सपा पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा कि यूपी (UP) के लोग भूल नहीं सकते हैं कि किस तरह सपा सरकार में अनिल अंबानी (Anil Ambani) के लिए नोएडा (Noida) , गाजियाबाद (Ghaziabad) में गोलियां चलवाई गई थीं। ये योगी सरकार (Yogi Government) है किसानों से बात कर उन्हें मार्केट रेट पर मुआवजा दिया जाता है।
सपा पर हमलावर हुए यूपी सरकार के मंत्री राजभर
यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा पर हमलावर होते हुए कहा कि उनका काम तो विरोध करना ही है। अगर विरोध नहीं करेंगे तो चुनाव में वोट कैसे मांगेंगे। वो भी जानते हैं कि सरकार अच्छा काम कर रही है। सपा सरकार में 300 रुपये दिव्यांगों को पेंशन थी अब एक हजार रुपये है। बुजुर्गों को पेंशन दी जा रही है। किसान सम्मान निधि सीधे किसानों के खाते में जा रही है। वो सिर्फ विरोध करने के लिए ही विरोध कर रहे हैं।