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Veteran shooter Jaspal Rana : जसपाल राणा ने अपनी प्रतिभा का असाधरण प्रदर्शन कर निशानेबाजी में पूरी दुनिया में भारत का दबदबा किया कायम

खेल में जुनून की हद तक जाने वाले दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा ने दुनिया में भारत का परचम हमेशा बुलंद रखा। अपनी प्रतिभा का असाधरण प्रदर्शन करने वाले भारतीय निशानेबाज ने पूरी दुनिया में निशानेबाजी में भारत का दबदबा कायम किया।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Veteran shooter Jaspal Rana : खेल  में जुनून की हद तक जाने वाले दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा ने दुनिया में भारत का परचम हमेशा बुलंद रखा। अपनी प्रतिभा का असाधरण प्रदर्शन करने वाले भारतीय निशानेबाज ने पूरी दुनिया में निशानेबाजी में भारत का दबदबा कायम किया। उनकी शिक्षाओं का पालन कर मनुभाकर जैसे निशानेबाज ने दुनिया में भारत और उनका नाम आगे बढ़ाया। निशानेबाजी की महान प्रतिभा अब हम सबके बीच में नहीं है। यह विश्वास कर पाना कठिन है लेकिन सच है। जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली पीढ़ी के अहम सदस्य थे। जसपाल ने महज 10 साल की उम्र में अपने पिता से ट्रेनिंग लेकर शूटिंग की शुरुआत की।

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जानकारी के अनुसार, 1 जून की रात को म्युनिख से भारत लौटते समय फ्लाइट में ही जसपाल राणा की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता दी गई। तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका और शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। NRAI (नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के चीफ कालीकेश नारायण सिंह देव ने उनके निधन की जानकारी दी है।

जसपाल राणा ने कॉमनवैल्थ और एशियन गेम्स को मिलाकर कुल 23 मेडल अपने नाम किए थे। इनमें एशियन गेम्स में 4 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मिलाकर कुल 8 मेडल थे। वहीं, कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज को मिलाकर कुल 15 मेडल जीते थे। उन्हें 18 साल की उम्र में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

पुरस्कार और सम्मान
भारतीय निशानेबाजी में उनके अमूल्य योगदान के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च खेल सम्मानों से नवाजा गया है
अर्जुन पुरस्कार (1994)
पद्म श्री (1997)
द्रोणाचार्य पुरस्कार (2020) – यह सम्मान उन्हें बेहतरीन कोचिंग के लिए दिया गया।

 

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