1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. Video: मैनपुरी में फरियाद लेकर पहुंची मां बेटी की DM से बहस, भेजा थाने, पुलिस ने काट दिया चालान

Video: मैनपुरी में फरियाद लेकर पहुंची मां बेटी की DM से बहस, भेजा थाने, पुलिस ने काट दिया चालान

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में डीएम ऑफिस फरियाद लेकर पहुंची मां बेटी की डीएम अंजनी कुमार से बहस हो गई।इसके बाद डीएम ने दोनो को जेल भेज दिया और दोनो का चालान भी कट गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मैनपुरी के थाना किसनी के ग्राम बहरामऊ निवासी राधा देवी अपनी बेटी को लेकर डीएम के पास पहुंचीं।

By प्रिन्सी साहू 
Updated Date

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में डीएम ऑफिस फरियाद लेकर पहुंची मां बेटी की डीएम अंजनी कुमार (DM Anjani Kumar) से बहस हो गई।इसके बाद डीएम ने दोनो को जेल भेज दिया और दोनो का चालान भी कट गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मैनपुरी के थाना किसनी के ग्राम बहरामऊ निवासी राधा देवी अपनी बेटी को लेकर डीएम के पास पहुंचीं।

पढ़ें :- UP Panchayat Elections : चुनाव से पहले बनेगा पिछड़ा वर्ग आयोग, सरकार ने हाईकोर्ट में दिया हलफनामा

उस समय डीएम तहसील सभागार में जनसमस्याओं को सुन रहे थे। राधा देवी और उनकी बेटी का कहना था कि मेढबंदी होने के बाद भी दबंग उनकी जमीन पर कब्जा नहीं छोड़ रहे हैं। उनका कहना था कि दबंगों ने राजस्व निरीक्षक के लगाए निशानों को मिटाकर फिर से उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया।

पढ़ें :- अखिलेश यादव बोले- इस ‘डील’ के बाद भाजपाई आत्मनिर्भरता जगह ‘परनिर्भरता’ का अपना लें नारा, स्वदेशी का नारा लगाने वाले आज कहां हो गये भूमिगत?

डीएम मैनपुरी ने दोनों मां-बेटी की पांच मिनट तक शिकायत सुनी और उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले में कार्रवाई की जाएगी। मगर परेशान मां-बेटी डीएम से बहस करने लगीं। इसी बीच मां-बेटी ने डीएम से बहस कर सुसाइड करने की धमकी भी दे डाली।

Mother and daughter reached Mainpuri with complaint, argued with DM

डीएम अंजनी कुमार सिंह के कई बार समझाने के बाद भी न मानने पर डीएम ने एतिहात के तौर पर दोनों मां-बेटी को पुलिस को सौंप दिया, जिससे कोई भी अप्रिय घटना ना हो। डीएम के आदेश पर पुलिस दोनों महिलाओं को थाने लेकर आ गई और शांति भंग के आरोप में दोनों का चालान कर दिया।

Mother and daughter reached Mainpuri with complaint, argued with DM

इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया, मैंने किसी को जेल भेजने की बात नहीं कही है। इन मां-बेटी का कुछ जमीन को लेकर विवाद था। मैंने पूरा सुना और इनको आश्वासन भी दिया कि इस पूरे मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी, लेकिन ये दोनों कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थीं। इनके द्वारा बार-बार आत्महत्या की धमकी दी जा रही थी। ऐसे में सतर्कता के तौर इन दोनों को थाना भिजवा दिया। जब दोनों शांत हो गए तो घर भेज दिया गया।

पढ़ें :- भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव लोकसभा में किया पेश

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...