मुख्यमंत्री ने कहा कि, शिवपुराण कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह सनातन की ध्वजा को मजबूत करने के साथ समाज में एकता का भाव पैदा करती है। भारत की संस्कृति की विशेषता है कि अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में रहने के बावजूद लोगों की सनातन के प्रति आस्था और भावना एक जैसी है।
रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को रायबरेली के ऊंचाहार में चल रही शिवपुराण कथा में शामिल हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की एकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, शिवपुराण कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह सनातन की ध्वजा को मजबूत करने के साथ समाज में एकता का भाव पैदा करती है। भारत की संस्कृति की विशेषता है कि अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में रहने के बावजूद लोगों की सनातन के प्रति आस्था और भावना एक जैसी है।
साथ ही कहा, हमने धर्म को केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं रखा बल्कि हमने उसे समाज की जीवन शक्ति के रूप में माना है। यही कारण है कि राजनीतिक कमजोरियों के कारण यह देश विदेशी आक्रांताओं का सामना करने के लिए मजबूर हुआ था। तुलसीदास जी ने मध्यकाल में रामकथा के माध्यम से काम किया था। उस कालखंड में धर्म पर प्रहार हो रहा था और उस समय तुलसीदास जी ने रामकथा के माध्यम से समाज को जोड़ने का काम किया था।
सीएम योगी ने कहा कि देश की संस्कृति ऐसी है कि महाराष्ट्र हो या उत्तर प्रदेश, सनातन के प्रति लोगों में समान श्रद्धा और भाव देखने को मिलता है। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला माध्यम बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को मजबूती मिलती है।