1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. आखिर कौन हैं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे.आंग्मो? हर संघर्ष में बनीं सबसे मजबूत साथी

आखिर कौन हैं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे.आंग्मो? हर संघर्ष में बनीं सबसे मजबूत साथी

पर्यावरणविद, शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इन दिनों अपनी भूख हड़ताल को लेकर चर्चा में हैं। उनकी बिगड़ती तबीयत के बीच सबसे ज्यादा सुर्खियों में उनकी पत्नी गीतांजलि जे.आंग्मो हैं। जिन्होंने हर मुश्किल घड़ी में उनका साथ निभाया है..

By Harsh 
Updated Date

पर्यावरणविद, शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इन दिनों अपनी भूख हड़ताल को लेकर चर्चा में हैं। उनकी बिगड़ती तबीयत के बीच सबसे ज्यादा सुर्खियों में उनकी पत्नी गीतांजलि जे.आंग्मो हैं। जिन्होंने हर मुश्किल घड़ी में उनका साथ निभाया है। हाल ही में उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपील करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक को परिवार की सहमति और उनके निजी डॉक्टरों की सलाह के बिना कोई दवा या इलाज न दिया जाए।

पढ़ें :- RG Kar Case में नया मोड़! नई CBI टीम, परिवार की बढ़ी उम्मीद और ‘अभया मेमोरियल ट्रस्ट’ की एंट्री

गीतांजलि जे.आंग्मो सिर्फ सोनम वांगचुक की जीवनसंगिनी ही नहीं, बल्कि एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद,सोशल एंटरप्रेन्योर और सामुदायिक विकास की मजबूत आवाज भी हैं। वह हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव्स,लद्दाख (HIAL) की संस्थापक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और डीन हैं। उनका उद्देश्य युवाओं को ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराना है जो स्थानीय जरूरतों, कौशल विकास और रोजगार से सीधे जुड़ी हो।

कॉरपोरेट सेक्टर में सफल करियर बनाने के बाद गीतांजलि ने समाज और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का फैसला किया। उन्होंने सोनम वांगचुक के साथ मिलकर लद्दाख में शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया। समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें भारत सरकार के वुमेन ट्रांसफॉरमिंग इंडिया अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

हालिया घटनाक्रम में दिल्ली पुलिस ने स्वास्थ्य बिगड़ने का हवाला देते हुए सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि वांगचुक ने इलाज लेने से इनकार करते हुए अपनी भूख हड़ताल जारी रखी। इस बीच गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की है। उनके इस रुख ने एक बार फिर साबित किया है कि वह केवल एक जीवनसाथी ही नहीं, बल्कि हर संघर्ष में सोनम वांगचुक की सबसे मजबूत सहयोगी भी हैं।

रिपोर्ट: कल्पना पाण्डे

पढ़ें :- इस्तीफे के बाद पहली बार बोले धर्मेंद्र प्रधान, 'Gen Z को कुछ लोगों ने गुमराह किया'; NEET विवाद पर खुलकर रखी बात

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...