पर्यावरणविद, शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इन दिनों अपनी भूख हड़ताल को लेकर चर्चा में हैं। उनकी बिगड़ती तबीयत के बीच सबसे ज्यादा सुर्खियों में उनकी पत्नी गीतांजलि जे.आंग्मो हैं। जिन्होंने हर मुश्किल घड़ी में उनका साथ निभाया है..
पर्यावरणविद, शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इन दिनों अपनी भूख हड़ताल को लेकर चर्चा में हैं। उनकी बिगड़ती तबीयत के बीच सबसे ज्यादा सुर्खियों में उनकी पत्नी गीतांजलि जे.आंग्मो हैं। जिन्होंने हर मुश्किल घड़ी में उनका साथ निभाया है। हाल ही में उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपील करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक को परिवार की सहमति और उनके निजी डॉक्टरों की सलाह के बिना कोई दवा या इलाज न दिया जाए।
गीतांजलि जे.आंग्मो सिर्फ सोनम वांगचुक की जीवनसंगिनी ही नहीं, बल्कि एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद,सोशल एंटरप्रेन्योर और सामुदायिक विकास की मजबूत आवाज भी हैं। वह हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव्स,लद्दाख (HIAL) की संस्थापक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और डीन हैं। उनका उद्देश्य युवाओं को ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराना है जो स्थानीय जरूरतों, कौशल विकास और रोजगार से सीधे जुड़ी हो।
कॉरपोरेट सेक्टर में सफल करियर बनाने के बाद गीतांजलि ने समाज और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का फैसला किया। उन्होंने सोनम वांगचुक के साथ मिलकर लद्दाख में शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया। समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें भारत सरकार के वुमेन ट्रांसफॉरमिंग इंडिया अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
हालिया घटनाक्रम में दिल्ली पुलिस ने स्वास्थ्य बिगड़ने का हवाला देते हुए सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि वांगचुक ने इलाज लेने से इनकार करते हुए अपनी भूख हड़ताल जारी रखी। इस बीच गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की है। उनके इस रुख ने एक बार फिर साबित किया है कि वह केवल एक जीवनसाथी ही नहीं, बल्कि हर संघर्ष में सोनम वांगचुक की सबसे मजबूत सहयोगी भी हैं।
रिपोर्ट: कल्पना पाण्डे