Who was the farmer Kailash Kohli? बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों को लगातार मौत के घाट उतारा जा रहा है। जिसको लेकर भारत के लोगों में काफी गुस्सा है। इस बीच, पाकिस्तान में कैलाश कोल्ही नाम के हिन्दू किसान की हत्या पर जनसैलाब उमड़ पड़ा है। मुस्लिम देश में हिंदू समाज सड़कों पर उतर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। पिछले तीन दिन से लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
Who was the farmer Kailash Kohli? बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों को लगातार मौत के घाट उतारा जा रहा है। जिसको लेकर भारत के लोगों में काफी गुस्सा है। इस बीच, पाकिस्तान में कैलाश कोल्ही नाम के हिन्दू किसान की हत्या पर जनसैलाब उमड़ पड़ा है। मुस्लिम देश में हिंदू समाज सड़कों पर उतर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। पिछले तीन दिन से लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
कौन थे किसान कैलाश कोल्ही?
सिंध प्रांत के बदिन जिले के लाशारी गांव के गरीब किसान कैलाश कोल्ही एक बड़े जमींदार सरफराज निजामानी के खेत पर काम करते थे। कैलाश ने अपनी पत्नी और छोटे बच्चों के बसेरे के लिए खेत में ही एक छोटी-सी कच्ची झोपड़ी बना ली थी। इतनी सी बात से नाराज सरफराज निजामानी ने कैलाश के सीने में दो गोलियां मार दीं। जिस वक्त निजामानी ने कैलाश की हत्या की, उस वक्त वह नशे में था। उसके साथ उसके गुर्गे भी थे। कैलाश के पिता चेतन कोल्ही का कहना है कि गोली चलने की आवाज सुनकर जब वह पहुंचे तो बेटा जमीन पर गिरा हुआ था और हत्यारे बंदूक तानकर भाग गए।
At Badin Pir Chowk, during the historic protest sit-in held against the brutal murder of the innocent Hindu youth Kailash Kolhi, Chairman of Pakistan Darawar Ittehad @PItehad, Faqir Shiva Kachhi, addressed the thousands of men, women, and innocent children participating in the… pic.twitter.com/9HzRsNGZg9
— Shiva Kachhi (دراوڙ)🇵🇰 (@FaqirShiva) January 8, 2026
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आरोपी हिंदू किसान की हत्या के बाद फरार बताए जा रहे हैं। ऐसे में अल्पसंख्यक समुदाय को पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एक्टिविस्ट शिवा कच्छी कहना है कि कैलाश की हत्या ने पूरे इलाके में बहुत गुस्सा और दुख पैदा कर दिया है। अल्पसंख्यक समुदाय में इस हत्या को लेकर बेहद आक्रोश है। प्रदर्शन में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल में हैं, जिनका कहना है कि जब तक कैलाश कोल्ही के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वह पीछे नहीं हटेंगे।