ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले से पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) ने आसार जता दिए थे कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने पर रिवोल्यूशनरी गार्ड फोर्स का कोई कट्टरपंथी कमांडर उनका स्थान ले सकता है।
नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले से पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) ने आसार जता दिए थे कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने पर रिवोल्यूशनरी गार्ड फोर्स का कोई कट्टरपंथी कमांडर उनका स्थान ले सकता है।
सीआईए (CIA) का यह आकलन ईरान की बीते दो हफ्ते की स्थितियों के विश्लेषण से सामने आया है।
क्या है अमेरिका का उद्देश्य?
ईरान में अमेरिकी कार्रवाई का उद्देश्य वहां की सत्ता में परिवर्तन का है। इसके मद्देनजर ईरान ने खामेनेई की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सूत्रों के अनुसार वह हफ्तों से अज्ञात स्थान पर हैं और उनके रहने के संभावित स्थान कड़े सुरक्षा घेरे में हैं।
सर्वोच्च नेता चुने जाने की तैयारी पूरी
सीआइए के अनुसार, खामेनेई के मारे जाने या उनके स्वास्थ्य को खतरा पहुंचने की स्थिति में ईरान ने उनके स्थान पर सर्वोच्च नेता चुने जाने की पूरी तैयारी कर रखी है। लेकिन यह संभावित व्यक्ति कौन होगा, इसको लेकर अभी पर्दा है। विदित हो कि ईरान में सर्वोच्च धार्मिक नेता ही सत्ता का प्रमुख भी होता है। राष्ट्रपति का दर्जा उसके बाद है।
ईरान में राष्ट्रपति जनता के मत से चुना जाता है। जबकि 47 वर्षों की इस्लामिक सत्ता में अयातुल्ला खोमैनी के बाद अली खामेनेई ईरान के दूसरे सर्वोच्च नेता हैं।