मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 22 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में शिक्षा, युवाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश से जुड़े कई बड़े निर्णय शामिल हैं। कैबिनेट ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी राहत देते हुए उनका मानदेय बढ़ाने का फैसला...
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 22 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में शिक्षा, युवाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश से जुड़े कई बड़े निर्णय शामिल हैं। कैबिनेट ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी राहत देते हुए उनका मानदेय बढ़ाने का फैसला किया है। अब शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये की जगह 18 हजार रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से लाखों परिवारों को सीधा फायदा होगा।
मेधावी छात्रों को मिलेंगे 40 लाख टैबलेट और डेढ़ लाख लैपटॉप
युवाओं के लिए सरकार ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत बड़े पैमाने पर डिजिटल वितरण का ऐलान किया है। वर्ष 2026-27 में 40 लाख छात्रों को टैबलेट और करीब डेढ़ लाख मेधावी छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे। इसके लिए खरीद और बिडिंग प्रक्रिया को भी मंजूरी दे दी गई है। कैबिनेट ने नागरिक संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत पात्र परिवारों और विभाजन के समय आए विस्थापितों को उनकी जमीन पर ‘भूमिधर’ अधिकार देने का फैसला लिया है। साथ ही उत्तर प्रदेश रेवेन्यू कोड 2006 में संशोधन के अध्यादेश को भी स्वीकृति दी गई है।
लंबे पुलों के निर्माण को मिली मजूंरी
इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। कन्नौज में गंगा नदी और कुशीनगर में नारायणी नदी पर लंबे पुलों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। वहीं रोडवेज बस स्टेशनों के विकास के लिए PPP मॉडल के दूसरे चरण की बिडिंग प्रक्रिया को हरी झंडी मिल गई है। इसके अलावा औद्योगिक निवेश नीति 2022 के तहत निवेशकों को सब्सिडी और प्रोत्साहन देने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सरकार के इन फैसलों को आगामी समय में शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।