दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 26 अगस्त को तालकटोरा स्टेडियम में करीब 4,000 महिलाओं को लाभार्थी पत्र सौंपे। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार के अनुसार अब तक 9.20 लाख से अधिक महिलाओं ने पंजीकरण कराया है, जबकि 6.63 लाख आवेदन अंतिम रूप से जमा हुए हैं। लाभार्थियों के बैंक खाते और सीबीडीसी वॉलेट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 सितंबर से खातों में राशि ट्रांसफर होने की उम्मीद है।
Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली की महिलाओं के लिए विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी की ओर से घोषित दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर इंतजार अब खत्म होता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार, 26 अगस्त को तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में योजना के पहले चरण के लाभार्थियों को मंजूरी पत्र सौंपे। करीब 4,000 महिलाओं को लाभार्थी पत्र दिए गए हैं। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी है।
सरकार के मुताबिक, लाभार्थी पत्र मिलने के बाद संबंधित महिलाओं के बैंक खातों और सीबीडीसी वॉलेट से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद 1 सितंबर से योजना की राशि लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य दिल्ली की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत 1 अगस्त से महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने की व्यवस्था शुरू की गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक अब तक नौ लाख से अधिक महिलाओं ने इस योजना के लिए पंजीकरण कराया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत पहले लाभार्थियों को मंजूरी पत्र दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के बैंक खाते और सीबीडीसी वॉलेट खुलने के बाद 1 सितंबर को उनके खातों में राशि जमा की जाएगी। सरकार के अनुसार लाभार्थियों की पहचान और पात्रता से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं ने आवेदन किया है। मंगलवार रात आठ बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 9,20,590 महिलाओं ने योजना के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से 6,63,215 आवेदन अंतिम रूप से जमा किए जा चुके हैं। इससे साफ है कि योजना को लेकर महिलाओं के बीच काफी रुचि है।
पहले चरण में करीब 4,000 महिलाओं को लाभार्थी पत्र दिए गए हैं। इसके बाद पात्रता की प्रक्रिया पूरी करने वाली अन्य महिलाओं को भी योजना के दायरे में लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा जो निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करती हैं।
हर महीने मिलने वाली 2,500 रुपये की सहायता महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक सहयोग का माध्यम बनेगी। सरकार की ओर से इसे महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़कर देखा जा रहा है। खास तौर पर ऐसे परिवारों में जहां महिलाओं की अपनी नियमित आय सीमित है, वहां इस तरह की सहायता घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मददगार हो सकती है।
योजना के क्रियान्वयन के लिए आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाया गया है। बड़ी संख्या में पंजीकरण और अंतिम आवेदन जमा होने के बाद अब सरकार के सामने पात्र आवेदनों की जांच और लाभार्थियों को समय पर राशि उपलब्ध कराने की चुनौती होगी। लाभार्थियों के बैंक खातों और सीबीडीसी वॉलेट से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भुगतान शुरू किया जाना है।
दिल्ली सरकार के लिए यह योजना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल था। अब सरकार योजना को जमीन पर लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पहले चरण में लाभार्थी पत्र बांटे जाने के बाद आने वाले समय में बड़ी संख्या में महिलाओं को इस योजना से जोड़ने की तैयारी है।
फिलहाल करीब 9.20 लाख पंजीकरण और 6.63 लाख अंतिम आवेदन इस योजना की बड़ी पहुंच को दर्शाते हैं। अब महिलाओं की नजर इस बात पर रहेगी कि पात्रता जांच पूरी होने के बाद उन्हें लाभार्थी सूची में कब शामिल किया जाता है और उनके खातों में 2,500 रुपये की राशि कब पहुंचती है। सरकार ने फिलहाल 1 सितंबर से राशि ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।