बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के भांजे और अभिनेता इमरान खान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मुंबई में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया गया है।
FRRO Notice: अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस जारी किए जाने का मामला सामने आया है। अभिनेता आमिर खान के भांजे इमरान खान को मुंबई स्थित फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) की ओर से यह नोटिस दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के बाद हुई है।
जानकारी के अनुसार, इमरान खान हाल ही में मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित विरोध प्रदर्शन में पहुंचे थे। यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। इमरान ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया था कि वह किसी राजनीतिक दल या संगठन की ओर से प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे, बल्कि एक आम नागरिक के तौर पर प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने पहुंचे थे।
प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी लिया था। इसके बाद पुलिस ने इमरान खान और अन्य लोगों के खिलाफ गावदेवी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, FRRO ने इमिग्रेशन नियमों और वीजा की शर्तों के कथित उल्लंघन के आधार पर यह कदम उठाया है। इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं। उनका जन्म अमेरिका में हुआ था और उनके पास अमेरिकी नागरिकता है। वह भारत में वर्क वीजा पर रह रहे थे।
मुंबई पुलिस की टीम ने FRRO का नोटिस इमरान खान को सौंपा, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। नोटिस में 28 अक्टूबर से पहले भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण किसी व्यक्ति को देश से बाहर भेजना गलत है।
वहीं, पूर्व भाजपा सांसद किरीट सोमैया ने भी इमरान खान के प्रदर्शन में शामिल होने पर सवाल उठाए थे। वह इस मामले में शिकायत दर्ज कराने और एफआईआर की मांग को लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।
फिलहाल, इस मामले ने नागरिकता, वीजा नियमों और विरोध प्रदर्शन में विदेशी नागरिकों की भागीदारी को लेकर बहस छेड़ दी है। FRRO की कार्रवाई के पीछे बताए गए आधार और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें रहेंगी।