अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने अपनी दोस्त और फिल्ममेकर करण जौहर के साथ एक इंटरैक्टिव सेशन में शामिल हुईं। उन्होंने सिनेमा में अपने 30 साल के सफर पर बात की। बातचीत के दौरान अभिनेत्री काफी इमोशनल हो गई, जब उन्होंने इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों को याद किया। जब मेकर्स को उनकी भारी आवाज़ पर शक था और कैसे करण उनके साथ खड़े रहे।
मुंबई। अभिनेत्री रानी मुखर्जी (actress rani mukherjee) ने अपनी दोस्त और फिल्ममेकर करण जौहर (filmmaker Karan Johar) के साथ एक इंटरैक्टिव सेशन में शामिल हुईं। उन्होंने सिनेमा में अपने 30 साल के सफर पर बात की। बातचीत के दौरान अभिनेत्री काफी इमोशनल हो गई, जब उन्होंने इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों को याद किया। जब मेकर्स को उनकी भारी आवाज़ पर शक था और कैसे करण उनके साथ खड़े रहे। फिल्म गुलाम को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उस फिल्म में उनकी आवाज़ डब की गई थी और आमिर खान (superstar aamir khan) को बुरा आदमी बनना पड़ा, क्योंकि उन्हें ही रानी को बताना था कि उनकी अपनी आवाज़ फिल्म में इस्तेमाल नहीं होगी। एक नई एक्ट्रेस के तौर पर आपके पास ज़्यादा ऑप्शन नहीं होते है।
अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने कहा कि आमिर के साथ फिल्म करना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी क्योंकि वह उस समय के सुपरस्टार्स में से एक थे। तो मुझे बाद में विक्रम जो मेरे डायरेक्टर हैं उनसे पता चला कि असल में यह फैसला शायद विक्रम, मुकेश और आमिर ने मिलकर लिया था, लेकिन उन्होंने आमिर को बुरा आदमी बना दिया। रानी ने बताया कि आमिर ने लॉजिक और उदाहरणों से स्थिति समझाने की कोशिश की। आमिर ने मुझे समझाया कि फिल्मों के लिए, हमें फिल्म की भलाई के लिए कुछ चीज़ों का त्याग करना पड़ता है। शायद तुम्हारी आवाज़ कैरेक्टर के लिए सही नहीं है। रानी ने बताया कि आमिर ने उनसे पूछा कि उनकी पसंदीदा एक्ट्रेस कौन है और जब उन्होंने श्रीदेवी का नाम लिया तो उन्होंने कहा कि उनकी आवाज़ भी कई फिल्मों में डब की गई थी। उन्होंने मुझे उदाहरण दिया कि कैसे श्रीदेवी की आवाज़ उनकी कई फिल्मों में डब की गई थी। लेकिन इससे उन्हें वह स्टार बनने से नहीं रोका जो वह बनीं। उन्होंने कहा कि तुम्हें फिल्म के लिए जो भी सबसे अच्छा हो, उसे मानना चाहिए।