समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने मंगलवार को एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) लाल टोपी और लाल सिलेंडर से घबराती है। उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति पर अपनी बात रखते हुए कहा कि आज आम आदमी एलपीजी को लेकर परेशान है।
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने मंगलवार को एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) लाल टोपी और लाल सिलेंडर से घबराती है। उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति पर अपनी बात रखते हुए कहा कि आज आम आदमी एलपीजी को लेकर परेशान है। एलपीजी (LPG) को लोग लापता गैस कह रहे हैं। उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने पहले बोरी से चोरी की। फिर 14 किलो का सिलेंडर 10 किलो का कर दिया। कहीं ऐसा न हो कि अब ये कहा जाए कि आप रोटी का साइज भी छोटा कर दें। झूठा विश्व गुरु का सपना हम लोग नहीं देख सकते।
ईरान-अमेरिका युद्ध (Iran-US War) पर उन्होंने कहा कि भारत के लोगों को बहुत बड़ा सपना दिखाया गया था कि हम विश्व गुरु बन जाएंगे। अगर ये सपना दिखाया था तो ये भी दिखना चाहिए था कि भारत युद्ध को रोक सकता है। लेकिन लोगों ने देखा कि बिना प्रोटोकॉल के बिना तैयारी के सरकार के प्रमुख सांसद पाकिस्तान में उतर गए थे। उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) पर चुटकी लेते हुए कहा कि इस बार वो इजरायल से लौटे तो युद्ध हो गया। अगर इजरायल से लौट रहे थे तो ईरान में रुक गए होते तो युद्ध नहीं होता।
क्या युद्ध में राजनीतिक अवसर खोज रहे अखिलेश?
पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा था कि युद्ध के समय में कुछ लोग राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इस पर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि ये भावना विपक्ष के लिए क्यों नहीं है? आप विपक्ष के लोगों को झूठे फंसाएंगे, अपनी संस्थाओं को भेजकर परेशान करेंगे और विपक्ष अपनी बात भी रखे। आप न्याय नहीं दे पा रहे हैं और विपक्ष से उम्मीद कर रहे हैं। वाराणसी में हत्या पर बोले कि जिस शहर को क्योटो बनाना था। वहां छात्र को दौड़ा-दौड़ाकर हत्याएं हो रही हैं।
विश्व गुरु हैं तो युद्ध रुकना चाहिए था…
विश्व गुरु को लेकर अखिलेश ने कहा कि अगर सभी देशों से आपके संबंध अच्छे हैं तो आपकी भूमिका क्या है? आपकी भूमिका ये होती कि युद्ध ही नहीं होता। अगर वाकई में विश्व गुरु होते तो ये युद्ध नहीं होता। अगर अमेरिका ने आप पर पाबंदियां लगाईं तो आप भी कह सकते थे कि अगर युद्ध हुआ और लोगों की जान जाएंगी तो हम अमेरिका के साथ कोई व्यापार नहीं करेंगे। आपकी विदेश नीति भी विदेश ही तय कर रहा है। इसका मतलब हमारे देश को कहीं न कहीं मजबूती से खड़ा होना पड़ेगा।
अगर सरकार कोई बेहतर फैसला लेती है तो हम उसके साथ हैं। लेकिन झूठे ही विश्व गुरु बनने की बात को स्वीकार नहीं करेंगे। किसानों के मुद्दे पर समझौता कर लेंगे। बीज अमेरिका से लाएंगे। आपकी डिप्लोमेसी फेल हो चुकी है। समय ऐसा है कि नीतियां भी विदेश से तय हो रही हैं।