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Assam Bioethanol Plant :  असम में दूसरी पीढ़ी का बायोएथेनॉल प्लांट , ऐसे होता है बांस का इस्तेमाल

असम बायो इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड (ABEPL) का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 30,000 से अधिक किसानों के साथ हाथ मिलाकर दुनिया के एकमात्र द्वितीय पीढ़ी के बायोइथेनॉल संयंत्र के लिए बांस की आपूर्ति करना है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Assam Bioethanol Plant :  असम बायो इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड (ABEPL) का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 30,000 से अधिक किसानों के साथ हाथ मिलाकर दुनिया के एकमात्र द्वितीय पीढ़ी के बायोइथेनॉल संयंत्र के लिए बांस की आपूर्ति करना है।  4,930 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्लांट सालाना 4,900 करोड़ टन बायोएथेनॉल का उत्पादन करेगा। इसे पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था।

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एबीईपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपज्योति हजारिका ने कहा,”फिलहाल हम स्टार्टअप चरण में हैं। अगले सप्ताह तक हम संयंत्र को स्थिर करने में सक्षम हो जाएंगे। इसके बाद हम पूर्ण पैमाने पर उत्पादन शुरू करेंगे,”।

असम के गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में स्थित यह इकाई कच्चे माल के रूप में बांस का उपयोग करती है, जबकि अन्य सभी पहली पीढ़ी के इथेनॉल संयंत्र बायोमास के रूप में गन्ने या मक्का जैसी खाद्य फसलों का उपयोग करते हैं। इथेनॉल के अलावा, यह संयंत्र सालाना 19,000 टन फरफ्यूरल, 11,000 टन एसिटिक एसिड, 32,000 टन तरल CO2 और 25 मेगावाट हरित ऊर्जा का भी उत्पादन करेगा।

किसानों के साथ साझेदारी
असम बायो एथनॉल प्राइवेट लिमिटेड (ABEPCL) अगले तीन साल में 30,000 से अधिक किसानों के साथ काम करके बांस की आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहता है। इससे किसानों को नई आय का स्रोत मिलेगा और बांस की खेती बढ़ेगी। यह योजना ग्रामीण विकास और सतत कृषि को बढ़ावा देने में भी मदद करेगी।

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