लखनऊ। कूड़ा निस्तारण का काम करने वाली Ecostan कंपनी के कारनामें अब उजागर होने लगे हैं। इस कंपनी पर नगर विकास के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात की भी खूब कृपा बरस रही है, जिसके कारण बिना टेंडर के ही 45 करोड़ से ज्यादा का काम कंपनी को सौंप दिया गया।
लखनऊ। कूड़ा निस्तारण का काम करने वाली Ecostan कंपनी के कारनामें अब उजागर होने लगे हैं। इस कंपनी पर नगर विकास के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात की भी खूब कृपा बरस रही है, जिसके कारण बिना टेंडर के ही 45 करोड़ से ज्यादा का काम कंपनी को सौंप दिया गया।
लखनऊ। कूड़ा निस्तारण के नाम पर सरकारी राजस्व की खुली लूट करने वाली Ecostan कंपनी पर उत्तर प्रदेश नगर विकास विभाग पूरी तरह से मेहरबान है। विभाग के प्रमुख सचिव से लेकर आलाधिकारियों की मेहरबानी से Ecostan कंपनी के मालिक मनमाने तरीके से काम करने में जुटे हुए हैं। इस
लखनऊ। कूड़ा निस्तारण को लेकर लाख दावे किए जा रहे हैं लेकिन ये सब दावे सरकारी फाइलों में ही अच्छी लगती है। कूड़ा निस्तारण को लेकर तमाम नियम बनाए गए, ताकि टेंडर मिलने के बाद कंपनियां कूड़ा निस्तारण को लेकर अच्छे से काम कर सके और पर्यावरण को दूषित होने
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने शुक्रवार को एक्स पोस्ट पर लिखा कि देखते हैं कि कोविशील्ड वैक्सीन से ब्लड क्लॉटिंग के जानलेवा ख़तरे (Covishield Vaccine Side Effects) की ज़िम्मेदारी अब कौन लेता है? उन्होंने लिखा कि क्या वैक्सीन कंपनियों से चंदा लेते समय भाजपा
लखनऊ। सौर ऊर्जा से जुड़े कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी एसएफएल सोलर प्राइवेट लिमिटेड से 5 फीसदी कमीशन यानी 400 करोड़ रुपये की मांग करने के मामले में 2006 बैच के आईएएस सचिव औद्योगिक विकास विभाग व इन्वेस्ट यूपी के CEO अभिषेक प्रकाश (CEO of Invest UP Abhishek Prakash) को योगी
लखनऊ : यूपी की राजधानी में लंबे समय तक डीएम रहे चर्चित IAS अभिषेक प्रकाश को भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। वह वर्तमान में इन्वेस्ट यूपी के सीईओ पद पर तैनात थे। आईएएस अभिषेक पर सोलर एनर्जी से जुड़े कल-पुर्जे बनाने वाली कंपनी को यूनिट स्थापित
लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने सरकारी विभागों में कार्य में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली (E-office System) लागू किया था। इस प्रणाली का उद्देश्य फाइलों के अनावश्यक विलंब, भ्रष्टाचार को रोकना और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाना था, लेकिन यूपी के
नई दिल्ली। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत, नागरिकों को सरकारी विभागों से जानकारी हासिल करने का अधिकार है। इस अधिनियम का मकसद है कि सरकार की कामकाजी में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़े। साथ ही, भ्रष्टाचार को रोकना और लोकतंत्र को मज़बूत करना भी इसका मकसद है। इस अधिनियम
लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ के भटगांव में डिफेंस कॉरिडोर (Defense Corridor) के लिए घपलेबाजों ने वर्ष 2021 में सरकारी जमीन तक निजी लोगों के नाम दर्ज कर बड़ा खेल किया गया। बता दें कि मुआवजा हड़पने के खेल में कंप्यूट्रीकृत राजस्व रिकॉर्ड तक को दरकिनार (Computerized Revenue Records were
लखनऊ। यूपी में जल जीवन मिशन योजना में 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपये की इस योजना में राज्य और केंद्र सरकार का आधा-आधा शेयर है। इस काम को तीन सालों में पूरा किया जाना था, लेकिन अभी तक केंद्र मोदी सरकार व यूपी की योगी सरकार की यह योजना
लखनऊ। सौर ऊर्जा से जुड़े कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी एसएफएल सोलर प्राइवेट लिमिटेड ने 8000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इस परियोजना में 5 फीसदी कमीशन यानी 400 करोड़ रुपये की मांग की गई, जिससे पूरा मामला विवादों में आ गया । भ्रष्टाचार मामले में सीएम
लखनऊ। यूपी की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार दावा करती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति (Zero Tolerance Policy) अपनाई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन योगी सरकार का ये दावा जल जीवन मिशन योजना (Jal (Jeevan Mission Yojana) में करोड़ों रुपये भ्रष्टाचार के खेल
आगरा। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवैध कब्जे को लेकर लगातार निर्देश दे रहे हैं लेकिन ये निर्देश आगरा में बैठे अफसरों को गले नहीं उतर रहा है। यहां पर किसान की जमीन को जबरन कब्जा कर लिया जाता है और उसे बिल्डर को बेंच भी दिया जाता है। किसान
लखनऊ। यूपी के स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को आठ जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) की नई तैनाती कर दी है। जिनको तैनाती मिली है। वे इस प्रकार हैं। डॉ. ब्रजेंद्र कुमार सिंह को सीएमओ इटावा, डॉ. राजीव निगम को सीएमओ बस्ती, डॉ. सुरेश कुमार को सीएमओ सीतापुर, डॉ. सुनील कुमार
लखनऊ। यूपी की जनता के जीवन रक्षा हेतु प्रदेश सरकार के तरफ से अरबों रूपये का बजट जीवन रक्षक उपकरणों की खरीद के लिए प्रति वर्ष आवंटित किया जाता है। परन्तु भ्रष्ट अधिकारियों और कुख्यात शातिर दलालों की मिलीभगत से वो धन लूट लिया जाता है और जनता की जीवन