यूपी की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक (Deputy Chief Minister Brajesh Pathak) के आवास के बाहर आयुष छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (National Homoeopathic Medical College and Hospital) के दर्जनों छात्रों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक (Deputy Chief Minister Brajesh Pathak) के आवास के बाहर आयुष छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (National Homoeopathic Medical College and Hospital) के दर्जनों छात्रों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि 2011 से उनके स्टाइपेंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। फिलहाल उन्हें हर महीने 7,500 रुपए मिलते हैं। वहीं, उनके साथ पढ़ने वाले एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस डॉक्टरों के स्टाइपेंड में दो बार बढ़ोतरी हो चुकी है। छात्रों ने सरकार से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की है।
हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे डॉक्टरों ने सरकार से अपने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग की। प्रदर्शनकारी आयुष इंटर्न डॉक्टरों का आरोप है कि उन्हें वर्तमान में महज 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा महंगाई और उनके काम की जिम्मेदारियों को देखते हुए यह राशि बेहद कम है। इंटर्न डॉक्टरों ने सरकार से स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। उनका कहना है कि आयुष चिकित्सा पद्धति (AYUSH System of Medicine) के तहत प्रशिक्षण के दौरान वे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की देखभाल समेत विभिन्न चिकित्सकीय जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है।
डॉक्टरों ने हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि अन्य राज्यों और चिकित्सा क्षेत्र की दूसरी इंटर्नशिप के मुकाबले उत्तर प्रदेश में आयुष इंटर्न डॉक्टरों को मिलने वाला स्टाइपेंड काफी कम है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक (Deputy CM Brajesh Pathak) के आवास पर प्रदर्शन के बाद अब आयुष इंटर्न डॉक्टरों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांग पर जल्द विचार करेगी और स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का फैसला लिया जाएगा।
564 पदों पर भर्ती की मांग
प्रदर्शन के दौरान यूपीएसएसएससी फार्मासिस्ट भर्ती (UPSSSC Pharmacist Recruitment) के अभ्यर्थी भी डिप्टी सीएम आवास पहुंचे। उन्होंने 564 पदों पर भर्ती शुरू करने और पदों की संख्या बढ़ाने की मांग की। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की भी मांग की। वहीं, सिविल अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों से मिले डिप्टी सीएम
अलग-अलग मांगों को लेकर कई प्रदर्शनकारी डिप्टी सीएम आवास पहुंचे। इससे वहां काफी देर तक हलचल रही। जानकारी मिलने पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक (Deputy Chief Minister Brajesh Pathak) बाहर आए और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने सभी की समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया।