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2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय पूर्व सरकार अपने कुनबे को बढ़ाने में व्यस्त थी : सीएम योगी

लखनऊ: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पूर्व सरकार पर छात्राओं की और महिलाओं के विकास में अनदेखी का आरोप लगाया है। सीएम ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। पूर्ववर्ती सरकारें केवल अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। पिछले साढ़े 9 साल के कार्यकाल में उनकी ने इस स्थिति को बदलने का काम किया है।

By Abhimanyu 
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लखनऊ: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पूर्व सरकार पर छात्राओं की और महिलाओं के विकास में अनदेखी का आरोप लगाया है। सीएम ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। पूर्ववर्ती सरकारें केवल अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। पिछले साढ़े 9 साल के कार्यकाल में उनकी ने इस स्थिति को बदलने का काम किया है।

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीएम योगी ने कहा, “वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी माँ स्कन्दमाता की आराधना हमें यह पावन संदेश देती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल होता है। वर्ष 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारें केवल अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी। विगत साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदलने का काम किया है।”

प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को थीं मजबूर : सीएम योगी

सीएम योगी ने आगे कहा, “सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं। लेकिन विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है। ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36% से बढ़कर 96% से अधिक हो गया है। वहीं, स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20% से घटकर 3% से भी कम रह गया है। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक व वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा के विस्तार से बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के अवसर मिल रहे हैं। बेटियों की शिक्षा में निवेश, उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का निवेश है।”

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स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में ऐतिहासिक सुधार : सीएम योगी

सीएम योगी ने उनके कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से मातृ और शिशु मृत्यु दर में सुधार की बात कही। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान से गर्भवती माताओं को पोषण व आर्थिक संबल मिला है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत प्रदेश की करोड़ों बहनों को निःशुल्क कैशलेस उपचार सुनिश्चित हुआ है।”

उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर मिल रहा है। जनवरी, 2016 तक प्रदेश में महिला पुलिसकर्मी की संख्या 10,000 थी, जो आज बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई है। आज उत्तर प्रदेश की बेटियां अवसरों के अभाव से आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला है। जय माँ स्कन्दमाता।”

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