03 नवंबर 2025 का राशिफलः सोमवार का राशिफल आचार्य रत्नाकर तिवारी से जानिए, मिथुन राशि के लोगों को आज दिन में सिद्धांतों और मूल्यों के अनुरूप निर्णय लेने का अवसर मिलेगा। मेष – आज कुछ उलझन या स्पष्टता न हो पाने जैसा अनुभव हो सकता है, पर धैर्य रखें। समय
03 नवंबर 2025 का राशिफलः सोमवार का राशिफल आचार्य रत्नाकर तिवारी से जानिए, मिथुन राशि के लोगों को आज दिन में सिद्धांतों और मूल्यों के अनुरूप निर्णय लेने का अवसर मिलेगा। मेष – आज कुछ उलझन या स्पष्टता न हो पाने जैसा अनुभव हो सकता है, पर धैर्य रखें। समय
Tulsi Vivah 2025 : सनातन धर्म में पूरे विधि-विधान से तुलसी माता का भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप से विवाह करने की परंपरा है। तुलसी विवाह उत्सव कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक मनाया जाता है। यानी कार्तिक महीने के आखिरी 5 दिन तुलसी विवाह
Horoscope, 2 November 2025 : 2 नवंबर 2025, सोमवार को कार्तिक मास (Kartik Month) के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। इस दिन वृश्चिक राशि में बुध और मंगल की युति से बेहद ही शुभ रुचक योग (Ruchaka Yoga) का निर्माण हो रहा है। रूचक योग एक पंच महापुरुष राजयोग
Guru Vakri 2025 : देवगुरु बृहस्पति की चाल में परिवर्तन होने वाला है। वर्तमान समय में देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में विराजमान हैं। यहां गुरु बृहस्पति पिछले महीने 18 अक्टूबर को कर्क राशि में गोचर कर गए थे। एक बार फिर बृहस्पति देव की चाल बदलने वाली है। गुरु ग्रह
Kartik Purnima 2025 : कार्तिक मास की पूर्णिमा को बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिविधान से आराधना करने से विशेष फल मिलता है। इस बार 5 नवंबर को मनाई जा रही है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान-दान करना भी काफी शुभ माना
Dev Uthani Ekadashi 2025 : देवउठनी एकादशी का व्रत आज पूरे देश में मनाया जा रहा है। धर्म शास्त्रों के अनुसार,आज देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और आज के दिन चातुर्मास का समाप्त होता है। देवउठनी एकादशी पर लोग देवों को जागृत करते हैं। आज
Tulsi Vivah 2025 : तुलसी विवाह हर साल कार्तिक माह की द्वादशी तिथि (देवउठनी एकादशी के अगले दिन) को मनाया जाता है। इस साल तुलसी विवाह 2 नंवबर को है। हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार, तुलसी विवाह कराने से परिवार में
01नवम्बर 2025 का राशिफल: 1 नवंबर 2025, शनिवार को चंद्रमा के छठे भाव में गुरु और आठवें भाव में कन्या राशि में शुक्र के होने से अधि योग का निर्माण हो रहा है। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति को शत्रुओं विजय प्राप्त होती है और कर्जों से छुटकारा मिलता
Dev Uthani Ekadashi 2025 : देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागते हैं। इस दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। ज्योतिष उपायों के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और तुलसी की पूजा से दरिद्रता दूर होती है और सुख-समृद्धि मिलती है। तुलसी विवाह,
Vivah muhurat 2025 : सनातनी जीवन पद्धति में शुभ समय और मुहूर्त का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में मांगलिक कार्य करने से वे दीर्घजीवी होते है। पंचांग के अनुसार इस साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी देवउठनी एकादशी का पर्व 01 नवंबर
31 अक्टूबर 2025 का राशिफल : शुक्रवार 31 अक्टूबर को कार्तिक मास की नवमी तिथि है। ऐसे में देवी लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु होंगे। जबकि चंद्रमा का गोचर कुंभ राशि में होगा और चंद्रमा पर मंगल की चतुर्थ दृष्टि होने से धन लक्ष्मी योग भी बनेगा। चंद्रमा छठे और
Tulsi Vivah 2025 : तुलसी विवाह हर साल कार्तिक माह की द्वादशी तिथि (देवउठनी एकादशी के अगले दिन) को मनाया जाता है। इस साल तुलसी विवाह 2 नंवबर को है। यह दिन भगवान विष्णु और देवी तुलसी (लक्ष्मी का एक रूप) के विवाह का प्रतीक है और शुभ कार्यों की
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में 05 नवम्बर को वाराणसी में आयोजित होने वाली देव दीपावली 2025 (Dev Deepawali 2025) की तैयारियों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि देव दीपावली (Dev Deepawali) काशी की सनातन परंपरा, गंगा आराधना और लोकआस्था
Dev Uthani Ekadashi 2025 : हर साल कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी मनाने का विधान है। पंचांग के अनुसार इस साल गृहस्थ भक्त जन 01 नवंबर को तो वहीं वैष्णव परंपरा से जुड़े लोग 02 नवंबर को अपनी-अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार मनाएंगे।
30 अक्टूबर 2025 का राशिफल : 30 अक्टूबर गुरुवार को कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है, जिसे गोपाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इसके साथ ही चंद्रमा का संचार दिन रात शनि की राशि मकर में होने जा रहा है और इन सबके बीच सूर्य,