Bada Mangal 2026 : हनुमान जी को राम जी की कृपा प्राप्त है। माता सीता ने हनुमान जी को अजर अमर होने का वरदान दिया है। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस बार अधिक मास लगने की वजह से आठ बड़े मंगल पड़
Bada Mangal 2026 : हनुमान जी को राम जी की कृपा प्राप्त है। माता सीता ने हनुमान जी को अजर अमर होने का वरदान दिया है। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस बार अधिक मास लगने की वजह से आठ बड़े मंगल पड़
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026 : सनातन धर्म में विध्नविनाशक प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा सर्वप्रथम की जाती है। गणेश भगवान को रिद्धि सिद्धि का देवता माना जाता है। सप्ताह बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। इसी क्रम में वर्ष 2026 में विभुवन संकष्टी चतुर्थी का
31 मई 2026 का राशिफल: रविवार 31 मई को सूर्य वृषभ राशि में संचार करेंगे, जबकि वृषभ राशि के स्वामी शुक्र मिथुन राशि में गोचर करते हुए गजलक्ष्मी एवं लक्ष्मी नारायण योग बनाएंगे। और सबसे उत्तम संयोग यह है कि कल पूर्णिमा तिथि भी है। ऐसे में शुक्र का गुरु
Aaj Ka Rashifal 30 May: आचार्य रत्नाकर तिवारी से जानते हैं सभी राशियों का हाल…मिथुन राशि के लोगों को मिलेगा आज भाग्य का साथ… मेष – आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियाँ मिल सकती हैं। धन लाभ के योग बन रहे हैं। परिवार में किसी शुभ कार्य
Chandra Grahan : चंद्र ग्रहण अद्भुद खगोलीय घटना है। लोकमान्यताओं में ग्रहण को लेकर कुछ मान्यताएं और कहानियां है, तो वहीं इसके वैज्ञानिक पहलू आश्चर्यचकित कर देने वाले है। ग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यताएं भी है। वहीं नई पीढ़ी में ग्रहण कौतुहल का विषय है। साल 2026 का यह चंद्र
Budh Gochar 2026 : ग्रह मंड़ल में बध देव को राजकुमार कहा जाता है। बुध देव बुद्धि, वाणी और व्यापार के कारक ग्रह माने जाते है। ज्योतिष में बुध ग्रह संचार, बुद्धि, तर्क, यात्रा, व्यापार और विश्लेषणात्मक सोच का प्रतिनिधित्व करता है। आज 29 मई 2026 को ग्रहों के राजकुमार
Jyeshtha Adhik Purnima 2026 : सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है। ज्येष्ठ अधिक मास पूर्णिमा को बहुत पुनीत माना जाता है। शास्त्रों में इसे ‘सर्वसिद्धिदायिनी पूर्णिमा’ कहा गया है।इस विशेष तिथि पर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और
Aaj Ka Rashifal 29 May: आचार्य रत्नाकर तिवारी से जानते हैं सभी राशियों का हाल…मिथुन राशि के लोगों को आज नए अवसर मिल सकते हैं। मेष – आज ऊर्जा से भरे रहेंगे। आज काम में सफलता मिलेगी, लेकिन गुस्से पर नियंत्रण रखें। वृषभ – आज धन लाभ के योग हैं।
Devshayani Ekadashi 2026 : सनातन धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। इसी प्रकार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी का महत्व बाकी सभी एकादशियों से थोड़ा अलग और विशेष माना जाता है। इसी तिथि से भगवान विष्णु चार महीने के योगनिद्रा काल में प्रवेश
Adhik Guru Pradosh Vrat 2026 : सनातन धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए विभिन्न प्रकार व्रत, उपवास और अनुष्ठान का पालन किया जाता है। इसी क्रम भगवान शिव की विशेष कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत का पालन किया जाता है। मान्यता है कि, यह
Shakun Shastra, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्रकृति हमें शकुन और अपशकुन के माध्यम से आने वाले संकट या लाभ के प्रति सचेत करती है। भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में शकुन शास्त्र का विशेष महत्व है। सदियों से चली आ रही मान्यताओं के अनुसार, हमारे साथ दैनिक जीवन
Aaj Ka Rashifal 27 May: आचार्य रत्नाकर तिवारी से जानते हैं सभी राशियों का हाल…मिथुन राशि के लोग आज नई योजनाओं पर कार्य शुरू कर सकते हैं। मेष – आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियाँ मिल सकती हैं। धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं। परिवार
Padmini Ekadashi 2026 : सनातन धर्म में एकादशी तिथि का बहुत महत्व है। इसी प्रकार एकादशी व्रत का भी बहुत महत्व है। भगवान विष्णु को समर्पित यह व्रत मनोकामना पूर्ति और मोक्षदायिनी माना जाता है। पुरुषोत्मास में पड़ने वाली एकादशी का खास महत्व माना जाता है। वर्ष 2026 में पद्मिनी
Bada Mangal 2026 : सनातन धर्म में हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी को प्रभुराम का प्रिय भक्त कहा जाता है। हनुमान जी को संकटमोचन भी कहा जाता है। इस बार ज्येष्ठ अधिकमास चल रहा है। ज्येष्ठ मास हनुमान जी
Badrinath Dham Ki Mahima : बद्रीनाथ धाम की महिमा और उनकी कथाओं का गुणगान युगों युगों से होता आ रहा है। तीर्थ बद्रीधाम की एक पैरौणिक कथा के अनुसार सहस्रकवच राक्षस के वध की कथा का वर्णन मिलता है। ‘सहस्रकवच’ का अर्थ है “हजार कवचों वाला”। पौराणिक काल में एक अत्यंत