नई दिल्ली। फाल्गुन को महिना शुरू हो चुका है, लेकिन लोगों के अंदर वह उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है। अभी तक बाजारें भी नहीं सजी है। वहीं इस बार होली के त्यौहार पर एक तरफ जहां चंद्रग्रहण है, वहीं दूसरी तरफ भद्र का साया रहेगा। होलिका दहन का
नई दिल्ली। फाल्गुन को महिना शुरू हो चुका है, लेकिन लोगों के अंदर वह उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है। अभी तक बाजारें भी नहीं सजी है। वहीं इस बार होली के त्यौहार पर एक तरफ जहां चंद्रग्रहण है, वहीं दूसरी तरफ भद्र का साया रहेगा। होलिका दहन का
Mahashivartri 2026 : महाशिवरात्रि के पर्व में शिव भक्त पूरे उल्लास के साथ भगवान शिव और शिव परिवार की पूजा अर्चना करते है। महादेव की पूजा के लिए फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है। महाशिवरात्रि इस साल 15 फरवरी को मनाई जाएगी।
Shukra Chandra Yuti 2026 : मार्च माह में ग्रहों की चाल से कुछ अदभुद संयोंग बनेंगे। कुछ प्रभावशाली ग्रहों की युति से कई राशियों के जातकों के जीवन में बदलाव आए्गा। साल 2026 के तीसरे महीने मार्च में करीब चार दिन तक मीन राशि में ऐश्वर्य के देवता शुक्र ग्रह
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम (Shri Kashi Vishwanath Dham) में सनातन परंपरा को समृद्ध करने वाला महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) का शुभ और भावपूर्ण नवाचार पर्व इस वर्ष 15 फरवरी को श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व (Mahashivratri Festival) के नवाचार में कई प्रसिद्ध देवालयों और देवी देवताओं द्वारा भगवान
Ketu Gochar 2026 : छाया ग्रह केतु के गोचर को ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन माना जाता है। ज्योतिष मान्यता के अनुसार केतु जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। केतु का गोचर व्यक्ति के जीवन में वैराग्य, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक जागृति को बढ़ाता है। केतु 31 मई 2026, दिन रविवार
Bhanu Saptami 2026 Special : सूर्य देव की पूजा को समर्पित भानु सप्तमी सनातनियों द्वारा मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह दिन सूर्य देव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, जिन्हें जीवन, शक्ति और ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। भक्त अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि और
वाराणसी। महाशिवरात्रि (Maha Shivaratri) का पावन पर्व भगवान शिव की नगरी वाराणसी में आगामी 15 फरवरी को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। बता दें कि यह महापर्व काशी में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। द्वादश ज्योतिर्लिंग में शामिल प्रधान ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजित काशी विश्वनाथ मंदिर
Ruby’s luck connection : ज्योतिष में रत्नों का विशेष प्रभाव है। सफल ज्योतिषी ग्रहों को एक्टिव करने के लिए उपाय के रूप में रत्नों को धारण करने की सलाह देते है। ग्रहों के राजा सूर्य के पूर्ण प्रभाव को प्राप्त करने के लिए ज्योतिषी उपाय के तौर पर माणिक पहनने
Maha Shivaratri 2026 : भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना महाशिवरात्रि के दिन विधान से की जाती है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव और माता पार्वती दोनों प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। शिव भगवान की
वाराणसी। यूपी की शिव नगरी वाराणसी (Varanasi) में महाशिवरात्रि (Mahashivratri) की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद (Vishwanath Temple Trust Council) ने भी महाशिवरात्रि (Mahashivratri) को लेकर श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी जारी (Advisory Issued) कर दी है। इस एडवाइजरी में बाबा की चार पहर की आरती के
Falgun Amavasya 2026 : सनातन धर्म में फाल्गुन अमावस्या का विशेष महत्व है। यह अमावस्या हिंदू वर्ष की आखिरी अमावस्या होती है। अमावस्या पर गंगा में स्नान करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। यदि अमावस्या सोम, मंगल, गुरु या शनिवार के दिन हो तो, यह सूर्यग्रहण से भी
Pearl Wearing Benefits : वैदिक ज्योतिष में रत्नों का विशेष महत्व है। ज्योतिषीय उपायों में रत्नों को पहनने की सलाह दी जाती है। इसी कड़ी में मोती को चंद्र ग्रह से जुड़ा एक अत्यंत प्रभावशाली रत्न माना जाता है। चंद्रमा को मजबूत करने और उसके बुरे प्रभावों को नष्ट करने
Maha Shivratri 2026 : भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि शिव भक्तों के लिए वरदान होता है। भोलेनाथ और माता पार्वती की कृपा पाने के लिए इस साल 15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन शिव भक्त शिवालयों में जाते है और रात
04 फरवरी 2026 का राशिफल: बुधवार का राशिफल आचार्य रत्नाकर तिवारी से जानिए…मकर राशि के लोगों की आज पेशेवर इच्छाएं पूरी होंगी। मेष – आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। करियर में नेतृत्व और स्पष्ट निर्णय की क्षमता मिलेगी। धन स्थिर रहेगा, लेकिन जल्दबाज़ी से बचें। रिश्तों में मधुरता आएगी और स्वास्थ्य
Vijaya Ekadashi 2026 Vrat : भगवान विष्णु के भक्तों के लिए एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी का व्रत रखा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार,भगवान राम ने विजया एकादशी का व्रत रखा था और इस व्रत के फल