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मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना अनाथ बच्चों के लिए बनी सहारा , 18 साल से कम उम्र के बच्चों को हर माह 2500 रुपये की वित्तीय सहायता

योगी सरकार (Yogi Government) के तरफ से शुरू की गई “उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य)” अनाथ और जरूरतमंद बच्चों के लिए एक नई आशा लेकर आई है। अगस्त 2021 में शुरू की गई इस योजना से योगी सरकार बच्चों और किशोरों को सहायता प्रदान कर रही है जिन्होंने कोरोना से इतर कारणों से अपने माता-पिता, किसी एक अभिभावक या संरक्षक को खो दिया है।

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। योगी सरकार (Yogi Government) के तरफ से शुरू की गई “उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य)” अनाथ और जरूरतमंद बच्चों के लिए एक नई आशा लेकर आई है। अगस्त 2021 में शुरू की गई इस योजना से योगी सरकार बच्चों और किशोरों को सहायता प्रदान कर रही है जिन्होंने कोरोना से इतर कारणों से अपने माता-पिता, किसी एक अभिभावक या संरक्षक को खो दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) के नेतृत्व में यह योजना अनाथ बच्चों को न केवल आर्थिक सहायता प्रदान नहीं कर रही है, बल्कि बच्चों और युवाओं के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

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योजना के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को हर माह 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह सहायता उन बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिन्हें माता-पिता के निधन के बाद आजीविका के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। योगी सरकार ने इन बच्चों की आर्थिक और शैक्षिक आवश्यकताओं को समझते हुए इस योजना को लागू किया, जो अब लाखों बच्चों की मदद कर रही है।

बच्चों की शिक्षा और भविष्य निर्माण पर विशेष जोर 

इस योजना का लाभ केवल 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों तक सीमित नहीं है। 18 से 23 वर्ष के ऐसे किशोर और युवा, जिन्होंने कक्षा 12 की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है और जो राजकीय डिग्री कॉलेज, विश्वविद्यालय या तकनीकी संस्थानों से स्नातक की डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें भी इस योजना के तहत सहायता दी जाती है। यह कदम न केवल युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित कर रहा है, बल्कि उनके भविष्य निर्माण में भी सहायक है। नीट, जेईई और क्लैट जैसी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने वाले मेधावी छात्रों को भी इस योजना के अंतर्गत विशेष सहायता प्रदान की जा रही है। इन छात्रों को 23 वर्ष की आयु पूरी होने तक या स्नातक शिक्षा अथवा मान्यता प्राप्त तकनीकी संस्थान से डिप्लोमा प्राप्त करने तक, जो भी पहले हो, योजना का लाभ दिया जाएगा।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में 29,029 बच्चों को  योजना से मिला लाभ

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योगी सरकार की इस योजना ने पहले ही हजारों बच्चों और युवाओं की जिंदगी बदल दी है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 29,029 बच्चों को इस योजना के तहत चिन्हित कर लाभान्वित किया गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि योजना जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी और सफल रही है। इस योजना ने अनाथ बच्चों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखाया है। आर्थिक सहायता के साथ-साथ, यह पहल उन्हें अपने जीवन के महत्वपूर्ण लक्ष्य प्राप्त करने में मदद कर रही है। योजना न केवल उनके जीवन स्तर को सुधार रही है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और नई उम्मीदें जगा रही है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) का यह कदम न केवल प्रभावित बच्चों और युवाओं के जीवन में बदलाव ला रहा है, बल्कि समाज में समावेशिता और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा दे रहा है।

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