पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सिख परंपराओं पर अपनी कथित टिप्पणियों के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होने के बाद दावा किया है। उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बातों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि तख्त साहिब का फैसला उन्हें बताया जाएगा और वह इस संस्था के आने वाले फैसले का सम्मान करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि बयान देते हुए उनका वीडियो फर्जी है।
नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत (Chief Minister Bhagwant Mann) मान ने सिख परंपराओं पर अपनी कथित टिप्पणियों के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब (Sri Akal Takht Sahib) के सामने पेश होने के बाद दावा किया है। उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बातों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि तख्त साहिब का फैसला उन्हें बताया जाएगा और वह इस संस्था के आने वाले फैसले का सम्मान करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि बयान देते हुए उनका वीडियो फर्जी है। उन्होने कहा कि वीडियो कि फोरेंसिक लैब में जांच की जाए।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Mann) ने कहा कि मैंने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने अपना पक्ष रखा है। मैंने अकाल तख्त साहिब के सामने लिखित सबूत पेश किए हैं। यह भी साफ किया कि सोशल मीडिया पर चल रही ये बातें कि भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती दे रहे हैं वह झूठी हैं। अकाल तख्त साहिब के सामने ऐसी कोई बात करने की मेरी कोई हैसियत नहीं है। सिंह साहिब का फैसला मुझे बताया जाएगा। सिंह साहिब के फैसले का सम्मान किया जाएगा। सीएम ने कहा कि यह वीडियो फर्जी है और इसकी जांच किसी भी फोरेंसिक लैब में की जा सकती है। इससे पहले श्री अकाल तख्त साहिब के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गोलक मुद्दे पर अपनी टिप्पणियों के संबंध में अकाल तख्त साहिब सचिवालय के सामने पेश होने के लिए गोल्डन टेंपल पहुंचे। जत्थेदारों ने सचिवालय में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह (Jathedar Giani Tek Singh of Takht Sri Damdama Sahib) के सामने पेशी के दौरान मुख्यमंत्री को सिख आचार संहिता से संबंधित मासिक गुरुद्वारा गजट पत्रिका की एक प्रति और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पत्र सौंपे।