यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन (Janata Darshan) में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। बता दें कि इस दौरान बड़ी संख्या में सैनिक भी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे निश्चिंत होकर देशसेवा करें, उनके परिवार की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी राज्य सरकार निभाएगी।
लखनऊ। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन (Janata Darshan) में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। बता दें कि इस दौरान बड़ी संख्या में सैनिक भी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे निश्चिंत होकर देशसेवा करें, उनके परिवार की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी राज्य सरकार निभाएगी।
जनता दर्शन (Janata Darshan) में पहुंचे सैनिकों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा में तैनात जवान पूरी निष्ठा के साथ अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।उन्होंने कहा कि आप बेफिक्र होकर देशसेवा कीजिए, आपके परिवार समेत प्रदेश की जनता की सेवा, सहूलियत और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है।
लोकहित एवं सुशासन के प्रति दृढ़ संकल्पित मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर 'जनता दर्शन' में आए लोगों की समस्याएं सुनीं।
महाराज जी ने संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु निर्देशित किया। pic.twitter.com/64PtB9Lh5z
— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) March 23, 2026
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सैनिकों के तरफ से प्रस्तुत किए गए प्रार्थना पत्रों में कई मामले जमीन से जुड़े थे। मुख्यमंत्री ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं पहल कर सैनिकों और उनके परिवारों से संपर्क करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिले।
विभिन्न समस्याओं पर हुई सुनवाई
जनता दर्शन (Janata Darshan) में पुलिस से संबंधित शिकायतें, भूमि विवाद, आर्थिक सहायता और स्थानांतरण से जुड़े मामले भी सामने आए। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी प्रार्थना पत्रों को देखा और अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले में निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
आर्थिक सहायता के मामलों में संवेदनशील रुख
कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने परिजनों से कहा कि इलाज के लिए अस्पताल से अनुमानित खर्च का विवरण प्रस्तुत करें, ताकि शासन स्तर से आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धन के अभाव में किसी भी मरीज का इलाज बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
प्रशासन को दिए स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें और उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव है, उनमें देरी न की जाए और पीड़ितों को राहत दी जाए।