यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने रविवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में 665 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्ष में हम लोगों ने 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी।
लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने रविवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में 665 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्ष में हम लोगों ने 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी। एक भी नौकरी की पारदर्शिता व चयन प्रक्रिया पर विरोध का एक भी प्रश्न नहीं उठा सकता है। ये नियुक्ति की प्रक्रिया जो सफलता पूर्वक सफल हो रही है।
मेरिट के आधार पर आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए जिन नौजवानों का चयन हो रहा है परिणाम क्या है, एक नियुक्ति की प्रक्रिया पारदर्शी, सुचिता पूर्वक होने से न्यायालय का हस्तक्षेप नहीं है। एक पक्ष वह है 2017 से पहले की सभी नियुक्तियां बाधित थी दूसरा पक्ष जो 9 लाख मैनपावर यूपी से जुड़ा, ये प्रतिभाशाली है, यंग ऊर्जा से भरपूर है। इसका लाभ है कि जो राज्य बीमारू था आज हमने उसे भारत की इकॉनमी का ग्रोथ इंजन बना दिया। जिस राज्य में वेतन देने के लिए पैसे नहीं थे आज वो रेवेन्यू सरप्लस हो गया।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में सेवा को समर्पित नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति-पत्र वितरण हेतु लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में… https://t.co/1DYqD4lq4z
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 29, 2026
उन्होंने कहा कि जिस राज्य की आमदनी प्रतिव्यक्ति आय, देश के अंदर आबादी में सबसे ऊपर लेकिन आमदनी में सबसे नीचे के पायदान पर गिना जाता था। बॉटम 6 में गिना जाता था, आज वह राज्य देश के अंदर टॉप अर्थव्यवस्था में एक है। अपनी प्रतिव्यक्ति आय को 16 की तुलना में 3 गुना करने में सफलता मिली है।
अपराध ही नहीं जीरो टॉलरेंस भ्रष्टाचार के खिलाफ भी है
जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) सिर्फ अपराध व अपराधियों के प्रति ही नहीं है। जीरो टॉलरेंस करप्शन के प्रति भी है। जीरो करप्शन के लक्ष्य को लेकर सरकार पहले दिन से चल रही है। इसी लिए इस पूरी प्रक्रिया में ट्रांसपेरेंसी हो, किसी भी प्रकार से ह्यूमन इंटरफेयरस न हो इस बात को ध्यान में रख कर इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का काम हुआ है। इसी का परिणाम है कि हर हफ्ता हम किसी न किसी नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम से जुड़ते है।