मुख्यमंत्री ने पत्र में आगे लिखा, महिलाओं की श्रमबल भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। बेटियों के जन्म से विवाह तक सरकार आर्थिक सहायता सुनिश्चित कर रही है। निराश्रित महिलाओं, वृद्धों एवं दिव्यांगजन के लिए पेंशन की व्यवस्था है। मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और हेल्थ-टेक के माध्यम से सेवाएं अधिक सुलभ हुई हैं। जल-थल-नभ की अद्भुत कनेक्टिविटी ने व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई गति दी है। अयोध्या, काशी-मथुरा से संभल तक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की स्वर्णिम गाथा लिखी जा रही है। आज हमारे त्योहारों में स्वदेशी की चमक स्पष्ट दिखाई देती हैं।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा कि, असीम संभावनाओं वाला हमारा प्रदेश संघर्ष और नीतिगत उदासीनता की बेड़ियों को तोड़ते हुए बीमारू राज्य से भारत के विकाश का ग्रोथ इंजन बन गया है। दृढ़ संकल्प के साथ हमने कानून एवं सुशासन का राज स्थापित किया है। सत्ता के संरक्षण में पनप रहे माफिया के भय के साम्राज्य का अंत करते हुए विकास को गति दी है। निवेशक जो कभी लचर कानून व्यवस्था के नाम पर दूर भागते थे, उनमें निवेश की होड़ लगी है।
कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ बनकर उभरा है। ‘बीज से बाजार तक की व्यवस्था और रिकॉर्ड डीबीटी भुगतान से अन्नदाताओं की आय में वृद्धि हुई है। उद्योगों का अभूतपूर्व विस्तार हुजा है। पलायन की पीड़ा और बेरोजगारी का देश समाप्ति की ओर है। लेबर रिफॉर्म, डी-रेगुलेशन, एमएसएमई, कौशल विकास, स्टार्टअप और ODOP ने प्रदेश को लोकल से ग्लोबल की दिशा में अग्रसर करते हुए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित किए हैं।
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
असीम संभावनाओं वाला हमारा प्रदेश संघर्ष और नीतिगत उदासीनता की बेड़ियों को तोड़ते हुए बीमारू राज्य से भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बन गया है। दृढ़ संकल्प के साथ हमने कानून एवं सुशासन का राज स्थापित किया है।
हमने जीरो पॉवर्टी लक्ष्य के साथ 6 करोड़ से… pic.twitter.com/9HqVCWp2B0
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 22, 2026
मुख्यमंत्री ने पत्र में आगे लिखा, महिलाओं की श्रमबल भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। बेटियों के जन्म से विवाह तक सरकार आर्थिक सहायता सुनिश्चित कर रही है। निराश्रित महिलाओं, वृद्धों एवं दिव्यांगजन के लिए पेंशन की व्यवस्था है। मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और हेल्थ-टेक के माध्यम से सेवाएं अधिक सुलभ हुई हैं। जल-थल-नभ की अद्भुत कनेक्टिविटी ने व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई गति दी है। अयोध्या, काशी-मथुरा से संभल तक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की स्वर्णिम गाथा लिखी जा रही है। आज हमारे त्योहारों में स्वदेशी की चमक स्पष्ट दिखाई देती हैं।
हमने जीरो पॉवर्टी लक्ष्म के साथ 6 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। डबल इंजन सरकार ने प्रदेश को ‘बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू’, ‘रेवेन्यू डेफिसिट से रेवेन्यू सरप्लस एवं ‘उपद्रव से उत्सव’ की ओर अग्रसर किया है। 24 जनवरी को हम उत्तर प्रदेश दिवस मना रहे हैं। यह विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को दोहराने का समय है। हम सबके संयुक्त प्रमासों से संकल्प से सिद्धि की यह मात्रा ऐसे ही गतिशील बनी रहेगी।